(रणभेरी): तेजी से बदलती जीवनशैली, शारीरिक श्रम की कमी और असंतुलित आहार के चलते गठिया (अर्थराइटिस) अब केवल बुजुर्गों तक सीमित नहीं रह गया है। चिकित्सकों के अनुसार, युवाओं में भी घुटनों और अन्य जोड़ों में दर्द, सूजन और अकड़न की शिकायतें तेजी से बढ़ रही हैं।
विशेषज्ञ बताते हैं कि जब जोड़ों के बीच मौजूद कार्टिलेज धीरे-धीरे घिसने लगता है, तो हड्डियां आपस में टकराने लगती हैं। इसका सीधा असर चलने-फिरने, सीढ़ियां चढ़ने और सुबह उठते समय महसूस होने वाली जकड़न के रूप में सामने आता है। कई मामलों में यूरिक एसिड का बढ़ा स्तर या ऑटोइम्यून रोग भी इस समस्या को गंभीर बना देते हैं।
दवा के साथ घरेलू उपाय भी कारगर
चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि इलाज केवल दवाओं तक सीमित न होकर खानपान और प्राकृतिक उपायों को भी शामिल करे तो बेहतर परिणाम मिल सकते हैं। सही आहार जोड़ों के भीतर मौजूद सिनोवियल फ्लूइड को संतुलित रखने और सूजन को कम करने में मदद करता है।
रसोई के मसाले बन सकते हैं राहत का जरिया
गठिया से पीड़ित लोगों के लिए रसोई में रखी हल्दी और अदरक किसी औषधि से कम नहीं हैं। हल्दी में पाया जाने वाला करक्यूमिन तत्व सूजन कम करने में प्रभावी माना जाता है। वहीं अदरक जोड़ों के दर्द को शांत करने में सहायक होता है। नियमित रूप से हल्दी वाला दूध या अदरक का काढ़ा लेने से कई मरीजों को राहत मिलती है।
मालिश और तेल का भी अहम रोल
नियमित तेल मालिश से प्रभावित हिस्से में रक्त संचार बेहतर होता है, जिससे जकड़न कम होती है। लहसुन को सरसों के तेल में पकाकर उससे घुटनों की मालिश करना एक पारंपरिक लेकिन असरदार उपाय माना जाता है। इसके अलावा जैतून और अरंडी के तेल का प्रयोग भी सूजन घटाने में मददगार हो सकता है।
खानपान और व्यायाम पर देना होगा ध्यान
गठिया के मरीजों को अपने भोजन में ओमेगा-3 फैटी एसिड युक्त पदार्थ जैसे अखरोट और अलसी को शामिल करना चाहिए। विशेषज्ञ ‘लो इम्पैक्ट’ व्यायाम जैसे तैराकी और साइकिलिंग की सलाह देते हैं, जिससे जोड़ों पर अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ता। साथ ही वजन नियंत्रण बेहद जरूरी है, क्योंकि बढ़ा हुआ वजन सीधे घुटनों पर असर डालता है। रात में भिगोए गए मेथी दानों का पानी पीना यूरिक एसिड नियंत्रित करने में सहायक बताया जाता है।
लापरवाही न करें, समय पर लें सलाह
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि घरेलू उपाय राहत दे सकते हैं, लेकिन अगर जोड़ों में अत्यधिक सूजन, लगातार दर्द या चलने पर आवाज आने लगे, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। नियमित योग, संतुलित आहार और सही दिनचर्या अपनाकर जोड़ों को लंबे समय तक स्वस्थ रखा जा सकता है।
