वाराणसी (रणभेरी): काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) ने अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक मंच पर एक बार फिर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। टाइम हायर एजुकेशन (THE) की वर्ल्ड यूनिवर्सिटी सब्जेक्ट रैंकिंग में बीएचयू ने 201–250 के वैश्विक बैंड में स्थान हासिल किया है। इस सूची में बीएचयू से ऊपर भारत का कोई भी विश्वविद्यालय नहीं है, जबकि एशियाई स्तर पर बीएचयू से आगे केवल चीन के संस्थान ही मौजूद हैं।
विश्वविद्यालय ने न सिर्फ ओवरऑल रैंकिंग में बल्कि अलग-अलग विषयों में भी बीते वर्षों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया है, जिससे इसकी अकादमिक गुणवत्ता और शोध क्षमता का स्तर साफ झलकता है।
लाइफ साइंसेज में अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन
लाइफ साइंसेज के क्षेत्र में बीएचयू ने उल्लेखनीय प्रगति करते हुए 201–250 बैंड में जगह बनाई है। पिछले वर्ष विश्वविद्यालय इस विषय में 250–300 बैंड में था। इस श्रेणी में वनस्पति विज्ञान, प्राणी विज्ञान, सूक्ष्मजीव विज्ञान, जेनेटिक्स, ईकोलॉजी, बायोकेमिस्ट्री और बायोटेक्नोलॉजी जैसे विषय शामिल हैं।
टाइम हायर एजुकेशन की इस सब्जेक्ट रैंकिंग में बीएचयू को कुल 52.4 अंक प्राप्त हुए हैं। शोध गुणवत्ता में 77.4 और शिक्षण के लिए 41.9 अंक दिए गए हैं, जो इन क्षेत्रों में विश्वविद्यालय की निरंतर प्रगति को दर्शाते हैं।
शोध वातावरण में सुधार की जरूरत
हालांकि शोध वातावरण के मानक पर बीएचयू को 25.2 अंक मिले हैं, जो यह संकेत देते हैं कि इस दिशा में और सशक्त प्रयास आवश्यक हैं। तुलना करें तो इस श्रेणी में शीर्ष-5 विश्वविद्यालयों को 90 से अधिक अंक मिले हैं, जबकि ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी को पूरे 100 अंक प्राप्त हुए हैं।
इस सूची में हार्वर्ड, कैम्ब्रिज, एमआईटी, स्टैनफोर्ड और ऑक्सफोर्ड जैसी विश्व की अग्रणी यूनिवर्सिटीज शामिल हैं।
मेडिकल और अन्य विषयों में भी सुधार
मेडिकल एंड हेल्थ विषय में बीएचयू को 301–400 बैंड में स्थान मिला है, जो पिछले वर्षों की तुलना में बेहतर है। वहीं बिजनेस एंड इकोनॉमिक्स, कंप्यूटर साइंस, फिजिकल साइंसेज और सोशल साइंसेज को 601–800 बैंड में रखा गया है।
टाइम हायर एजुकेशन वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग-2026 में बीएचयू ने ओवरऑल 501–600 बैंड में अपनी जगह बनाई है और देश में पांचवें स्थान पर कायम है।
लगातार बेहतर हो रही वैश्विक पहचान
बीएचयू के आईक्यूएसी चेयरमैन प्रो. भास्कर भट्टाचार्य ने कहा कि विश्वविद्यालय का लगातार बेहतर प्रदर्शन उसके सुदृढ़ होते शिक्षण, शोध और नवाचार के माहौल का परिणाम है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले वर्षों में बीएचयू वैश्विक रैंकिंग में और ऊंचा स्थान हासिल करेगा।
