शास्त्री घाट पर जुटे आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता, मतदाता सूची में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की उठाई आवाज
वाराणसी (रणभेरी): मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) की वाराणसी इकाई ने कचहरी स्थित शास्त्री घाट पर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई। साथ ही मतदाता सूची पुनरीक्षण की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने और कथित अनियमितताओं की जांच कराने की मांग की।
पार्टी नेताओं का कहना है कि SIR प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में पात्र मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जाने की शिकायतें सामने आई हैं। उनका आरोप है कि ऐसी परिस्थितियों में मतदाता सूची की शुद्धता और चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर सवाल खड़े होते हैं। इसी मुद्दे पर विपक्षी दलों और विभिन्न संगठनों की ओर से भी विरोध जताया जा रहा है।

मतदाता सूची के आंकड़ों पर उठाए सवाल
प्रदर्शन के दौरान सामने आई रिपोर्टों का हवाला देते हुए पार्टी की ओर से उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची से जुड़े आंकड़ों और आवेदन प्रक्रिया पर सवाल उठाए गए। रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश में 16.18 लाख आवेदनों के निस्तारण से संबंधित जानकारी उपलब्ध नहीं होने का दावा किया गया है।
वहीं, मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट पर फॉर्म-6 के तहत 71.38 लाख आवेदकों का आंकड़ा और अंतिम मतदाता सूची में 84.30 लाख नाम जोड़े जाने का आंकड़ा सामने आने की बात कही गई है। इन दोनों आंकड़ों के बीच 12.92 लाख का अंतर बताया गया है। पार्टी ने इन आंकड़ों को स्पष्ट करने और संबंधित जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की।
मतदाताओं के नाम हटाने की प्रक्रिया पर सवाल
एक अन्य रिपोर्ट का उल्लेख करते हुए तरबगंज और पीलीभीत विधानसभा क्षेत्रों में मतदाताओं के नाम हटाने के लिए दर्ज आपत्तियों को लेकर भी सवाल उठाए गए। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इन क्षेत्रों में नाम हटाने से जुड़े लगभग 90 प्रतिशत आवेदन मुस्लिम मतदाताओं के खिलाफ थे। तरबगंज में रेशमा नाम की मतदाता के संबंध में 188 आपत्तियां दर्ज होने की बात भी सामने आई है।
इसके अलावा, आपत्ति दर्ज कराने वाले लोगों की पहचान से संबंधित जानकारी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं होने का मुद्दा उठाया गया। पार्टी नेताओं ने मांग की कि शिकायतों और आपत्तियों की जांच निष्पक्ष तरीके से हो तथा मतदाताओं को अपनी बात रखने का पर्याप्त अवसर दिया जाए।

चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर भी उठे प्रश्न
SIR प्रक्रिया, डेटा प्रबंधन और फॉर्म-6 में बदलावों को लेकर चुनाव आयोग के भीतर कथित मतभेदों से संबंधित मीडिया रिपोर्टों का हवाला देते हुए भी सवाल उठाए गए। विपक्ष की ओर से इन रिपोर्टों के आधार पर आयोग की निर्णय प्रक्रिया और जवाबदेही को लेकर चिंता जताई जा रही है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
AAP नेताओं ने कहा कि मतदाता सूची लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। इसलिए पुनरीक्षण की प्रक्रिया में पारदर्शिता, जवाबदेही और पात्र मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।
आंदोलन जारी रखने की चेतावनी
आम आदमी पार्टी ने स्पष्ट किया कि जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग और मतदाता सूची पुनरीक्षण में पारदर्शिता से जुड़े मुद्दों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक पार्टी लोकतांत्रिक तरीकों से अपना विरोध जारी रखेगी। पार्टी ने कहा कि इस मुद्दे को सड़क से लेकर संसद और न्यायालय तक उठाया जाएगा।
ये पदाधिकारी और कार्यकर्ता रहे मौजूद
प्रदर्शन में जिला अध्यक्ष कैलाश पटेल, जिला महासचिव घनश्याम पांडे, प्रदेश प्रवक्ता मुकेश सिंह, मनीष कुमार गुप्ता, अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के उपाध्यक्ष अब्दुल्ला खान, अभिषेक सिंह, गुलाब सिंह राठौड़, सरोज शर्मा, अमर सिंह पटेल, शारदा टंडन, मोहिनी महेंद्रु, प्रिया पटेल, सहनवाज खान, मोहम्मद कुड्डूस, कांता प्रसाद गिहार, वाहिद खान और छेदी लाल श्रीवास्तव सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
