वाराणसी (रणभेरी): आदमी पार्टी की पदयात्रा के समापन पर आयोजित जनसभा में सामाजिक न्याय, बेरोजगारी और शहर की ऐतिहासिक विरासत को लेकर सरकार को कठघरे में खड़ा किया गया। वाराणसी के शास्त्री घाट पर आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए अजीत सिंह ने कहा कि पदयात्रा के दौरान गांव-गांव में जनता का जबरदस्त समर्थन देखने को मिला। उन्होंने कहा कि लोग ऐसे नेतृत्व की तलाश में हैं जो संसद से लेकर सड़क तक आम आदमी की आवाज़ बुलंद करे।
अजीत सिंह ने कहा कि संजय सिंह लगातार यही भूमिका निभा रहे हैं और इसी कारण जनता का भरोसा उनके साथ जुड़ रहा है। उन्होंने वाराणसी के घाटों पर हो रहे बदलावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि जहां कभी गरीब और जरूरतमंदों के इलाज के लिए मेहता हॉस्पिटल था, वहां अब ताज होटल खड़ा कर दिया गया है।
इसे उन्होंने घाटों के निजीकरण और आम जनता के हितों की अनदेखी का प्रतीक बताया। अजीत सिंह ने आरोप लगाया कि बनारस की असली सच्चाई वह नहीं है, जो प्रचार के जरिए दिखाई जा रही है। विकास के नाम पर शहर को नीलाम किया जा रहा है और आम नागरिकों की बुनियादी सुविधाएं धीरे-धीरे खत्म की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय की यह लड़ाई किसी एक दल की नहीं, बल्कि आम जनता के अधिकार और सम्मान की लड़ाई है। सभा के अंत में उन्होंने सांसद संजय सिंह से बनारस की पीड़ा को संसद तक पहुंचाने की अपील की।
