वाराणसी (रणभेरी): माघ मेला–2026 के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और संभावित पलट-प्रवाह को देखते हुए वाराणसी पुलिस व जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और सुगम दर्शन व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए मैदागिन चौराहा से गोदौलिया चौराहा तक के पूरे क्षेत्र को नो-व्हीकल जोन घोषित कर दिया गया है। इस रूट पर सभी प्रकार के वाहनों के आवागमन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह प्रतिबंध केवल आमजन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वीवीआईपी, वीआईपी, सेना, अर्द्धसैनिक बल, पुलिस एवं प्रशासनिक वाहनों पर भी समान रूप से लागू होगा। वीआईपी प्रोटोकॉल के तहत किसी को भी वाहन से प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। सभी को वैकल्पिक व्यवस्था या पैदल मार्ग का ही उपयोग करना होगा।
भीड़ नियंत्रण के लिए पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर विशेष क्राउड मैनेजमेंट गाइडलाइन तैयार की गई है। पूरे क्षेत्र में बैरिकेडिंग की जाएगी और प्रत्येक स्थान पर ड्यूटी प्वाइंट बनाकर पुलिस बल की तैनाती की गई है। मैदागिन से गोदौलिया तक बैरियर लगाकर पैदल आवागमन को सुव्यवस्थित किया जाएगा।
पुलिस कमिश्नर ने आमजन और श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे निर्धारित यातायात नियमों और प्रशासनिक निर्देशों का पालन करें। पैदल मार्गों का अधिक से अधिक उपयोग करें और पुलिस प्रशासन का सहयोग कर काशी में सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सुगम दर्शन व्यवस्था बनाए रखने में सहभागी बनें।
सीपी द्वारा तय किए गए मुख्य बिंदु
- मैदागिन से गोदौलिया चौराहा तक का सम्पूर्ण क्षेत्र नो-व्हीकल जोन घोषित।
- चौक और आसपास के क्षेत्र में सभी प्रकार के वाहनों का प्रवेश पूर्णतः प्रतिबंधित।
- वीवीआईपी, वीआईपी सहित सभी सरकारी व सुरक्षाबलों के वाहन भी प्रतिबंध के दायरे में।
- माघ मेला–2026 के दौरान बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या और भीड़ दबाव को नियंत्रित करने का निर्णय।
- नो-व्हीकल जोन में केवल पैदल आवागमन की अनुमति, स्थानीय व्यापारियों के दोपहिया वाहनों को छूट।
- पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती, बैरिकेडिंग और निरंतर निगरानी की व्यवस्था।
- दिव्यांगजन, गर्भवती महिलाएं और वरिष्ठ नागरिकों के लिए गोल्फ कार्ट की सुविधा।
- वैकल्पिक मार्गों पर यातायात सुचारु रखने के लिए ट्रैफिक पुलिस द्वारा विशेष प्रबंध।
प्रशासन का कहना है कि इन व्यवस्थाओं से श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होगी और माघ स्नान व दर्शन शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित वातावरण में संपन्न कराए जा सकेंगे।
