वाराणसी: बीएचयू में नियुक्ति में हो रहा छलावा, एक पद के लिए पहले दस फिर 17 को बुलावा!

वाराणसी: बीएचयू में नियुक्ति में हो रहा छलावा, एक पद के लिए पहले दस फिर 17 को बुलावा!

बीएचयू के प्रयोजनमूलक हिंदी में अ. प्रोफेसर पद के लिए दूसरी बार जारी की गई अभ्यर्थियों की लिस्ट
अभ्यर्थी का आरोप, चयन प्रक्रिया में शामिल एक प्रोफेसर के छात्र की नियुक्ति के लिए निकाली गई दूसरी लिस्ट

वाराणसी(रणभेरी): काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति में अनियमितता का एक नया मामला सामने आया है। हिन्दी विभाग के प्रयोजनमूलक हिन्दी पत्रकारिता में असिस्टेंट प्रोफेसर के एक पद के लिए 9 फरवरी 2020 को 10 अभ्यर्थियों का बुलावा पत्र जारी किया गया। 17 फरवरी को साक्षात्कार प्रारंभ हुआ, इसके अगले दिन यानि 18 फरवरी को अवैधानिक ढंग से दुबारा 17 अभ्यर्थियों को बुलावा पत्र की लिस्ट जारी कर दी गई जबकि चयन एवं आकलन समिति के नियमानुसार एक पद पर अधिकतम 10 अभ्यर्थी या सम्पूर्ण आवेदन का 20% अभ्यर्थियों को बुलाया जा सकता है।

इसके अलावा यह भी आरोप है कि पहले लिस्ट में जो दस अभ्यर्थी हैं वे प्रयोजनमूल हिन्दी से ही एमएम, पीएचडी हैं जबकि दूसरे लिस्ट के अभ्यर्थिंयों का प्रयोजनमूलक हिन्दी से दूर-दूर तक नाता नहीं है। इस संदर्भ में अभ्यर्थियों ने अपनी लिखित शिकायत 25 फरवरी को बीएचयू के रजिस्टार से की है। आरोप है कि बुलावे की दूसरी लिस्ट एक प्रोफेसर के चहेते छात्र की नियुक्ति के लिए जारी की गई और संभवत:उसकी ही नियुक्ति होगी। 

लगाई न्याय की गुहार:
अभ्यर्थियों ने कार्यकारिणी परिषद के अध्यक्ष को शिकायत पत्र देने के बाद यह गुहार लगाया है कि उपरोक्त तथ्यों का अवलोकन और जांच कर वैधानिक कार्रवाई करें ताकि प्रथम सूची के वैध अभ्यर्थियों के साथ साथ न्याय हो। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अभ्यर्थियों ने इसकी शिकायत राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मानव संसाधन मंत्रालय में भी पत्र लिखकर किया है।