वाराणसी: 'पीएम मोदी के शौचालय में है भ्रष्टाचार की 'मलाई', जिसे प्रधान और ठेकेदार ने है मिलकर खाई'

वाराणसी: 'पीएम मोदी के शौचालय में है भ्रष्टाचार की 'मलाई', जिसे प्रधान और ठेकेदार ने है मिलकर खाई'

वाराणसी(रणभेरी): वह शरीर कैसे स्वस्थ्य व तंदुस्त बनेगा जिस शरीर में रोग ही रोग हो। आप रोगी शरीर को चाहे जितना दूध मलाई खिलाई वह रोगी का रोगी ही रहेगा। कुछ ऐसा ही हालत इस समय हमारे देश की है।  भ्रष्टाचार के दीमक ने हमें इतना खोखला कर दिया है कि चाहे जितनी अच्छी योजना लाये उसका परिणाम शून्य होना ही है। हम बात कर रहे है प्रधानमंत्री मंत्री के शौचालय बनाओ योयजा की।

प्रधानमंत्री ने गांव की बहू-बेटियों को होने वाली परेशानी को देखते हुए पूरे देश में शौचालय बनाने की योजना शुरू की ताकि हमारा गांव व शहर पूरी तरह से स्वच्छ एवं सुन्दर हो। लेकिन इस योजना को हमारे नस-नस में समा चुकी भ्रष्टाचार रूपी दीमक ने योजना के शुरू होते ही इसे चाटना शुरू कर दिया। गांव के प्रधानों, ठेकेदारो व उस क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने इस योजना को ऐसा चाटा कि वह एक मजाक बनकर रह गया। इन भ्रष्टाचारियों ने प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र को भी नहीं छोड़ा। 

बड़ागांव ब्लॉक के अन्तर्गत सर्विपुर ग्राम पंचायत मे खुले में शौच से मुक्ति के लिए केंद्र व प्रदेश सरकार द्वारा अथक प्रयास करने के बावजूद शौचालय निर्माण की प्रक्रिया की गुणवत्ता पर ध्यान दिया जा रहा है न ही पात्रों तक योजना पहुंच पा रही है। गांव के प्रधान व ठेकेदार ने सभी नियम कानून की धज्जियां उड़ाते हुए छत विहीन व बिना दरवाजे के शौचालय बनाकर ओडीएफ का कागजी कोरम पूरा कर योजना को पलीता लगा रहे है। इन बने शौचालयों में कहीं गड्ढे है तो कहीं बगैर छत के बने हैं। शौचालयों की दीवार और सीट भी ठीक ढंग से नहीं बनी है।

स्वच्छ भारत मिशन के तहत सरकार की अति महत्वपूर्ण योजना को कुछ पैसे के लिए सरकार के नुम्माइंदे ही पलीता लगाने से नहीं चूक रहे हैं। ओडीएफ को लेकर अधिकारियों के बड़े-बड़े दावे हैं, जिन घरों में पहले से ही शौचालय बने हैं उसकी वीडियोग्राफी कराकर अधिकारी सरकार द्वारा बनाया दिखाकर उसका भी पैसा हजम करने से नहीं चूक रहे है। 

शौचालय में जाने लायक नहीं:
वाराणसी के बड़ागांव के सर्विपुर गांव में शौचालय निर्माण की स्थिति से परेशान गांव वालों का कहना है कि उनके घर बने शौचालय में जाने लायक नहीं है। बहुत परेशानी होती है और बारिश के दौरान परेशानी बढ़ जाती है। इस मामले को प्रधान तक भी पहुंचाया गया मगर वे दूसरे आदमी की बात कह कर चले गए। दूसरे आदमी ने इसे बनवाया तो वो लीप पोतकर चले गए। शौच इस तरह बना है कि एक लात मार दो तो दीवार गिर जाए। शौच सुविधा होने के बाद भी उन्हें बाहर जाना पड़ता है।

ऐसे किया जा रहा घोटाला:
गांवों को ओडीएफ मुक्त करने के लिए ठेकों के सहारे से शौचालय निर्माण किया जाता है। ठेकों से बनने वाले शौंचालयों में बिना नींव के शौचालय निर्माण से लोग परेशान हैं। लोगों का कहना है कि घरों में शौचालय निर्माण कर जिम्मेदार और प्रधान उसकी वीडियोग्राफी कर उसे सरकारी काम बताकर रुपये हड़पते हैं। 

सर्विपुर गांव से रामबृक्ष ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत दर्ज कराया कि मेरे गांव में शौचालय निर्माण का कार्य अधूरा रह गया है। तो बड़ागांव ब्लॉक के कर्मचारी शिकायतों पर रिपोर्ट लगा दिए कि सभी पात्रो को शौचालय बनवाकर फोटो उपलोड करा दिया गया है। जबकि गांव वालों का आरोप है कि कोई भी अधिकारी कर्मचारी मौके की जांच करने गांव मे आये ही नही है।