वाराणसी: सरकारी गल्ले के संचालक की तानाशाही, प्रति व्यक्ति एक किलो कम देता है अनाज

वाराणसी: सरकारी गल्ले के संचालक की तानाशाही, प्रति व्यक्ति एक किलो कम देता है अनाज

पाण्डेयपुर प्रेमचंद कॉलोनी स्थित सरकारी गल्ले का कोटेदार प्रति व्यक्ति एक किलो कम देता है अनाज
लोगों का आरोप, कंप्यूटर में नाम अंकित रहने पर भी राशन कार्ड पर काट देता है नाम

वाराणसी(रणभेरी): पाण्डेयपुर स्थित प्रेमचंद कॉलोनी में सरकारी गल्ले वाली की तानाशाही इस कदर चरम सीमा पर है कि लोग त्रस्त हो चुके हैं। क्षेत्रीय निवासी बंटी लालवानी बताते हैं कि इस लॉकडाउन में कोटेदार का राशन बांटने में बड़ा घोटाला सामने आया है। प्रत्येक आदमी के वितरण में 1 किलो की कमी रहती है और कार्ड पर परिवार के सभी सदस्यों का नाम कंप्यूटर में अंकित रहता है परंतु परिवार के कुछ लोगों के नाम अनाज मिल रहा है। क्षेत्रीय लोगों के राशन कार्ड पर अपने पेन से ही उनका नाम काट के रखा है। इस बाबत  लोगों ने उससे पूछा तो कहता है कि ऊपर से नाम काटा गया है। 

देखा जाए तो मशीन में नाम अंकित है, कंप्यूटर में देखा जाए तो परिवार के सभी सदस्यों का नाम अंकित है। यह अपने मन से नाम काटकर परिवार के सदस्यों को कम कर लोगों को कम अनाज वितरण कर रहा है। और तो और समय सीमा पूर्ण होने से पहले ही अपनी दुकान बंद कर देता है। जब इस बात पर उससे पूछा गया तो वह नाराज होकर रास्ते में अपने लड़कों से पानी फिकवा देता है ताकि लोगों को आने-जाने में दिक्कत हो और कम लोग आएं। 


रिपोर्ट: विक्की मध्यानी