वाराणसी: नगर निगम परिवहन विभाग घोटाले में दस निलंबित, दस कम्पनियां भी हुईं ब्लैक लिस्टेड

वाराणसी: नगर निगम परिवहन विभाग घोटाले में दस निलंबित, दस कम्पनियां भी हुईं ब्लैक लिस्टेड

नगर आयुक्त गौरांग राठी की बड़ी कार्रवाई, दस कंपनियों को भी किया ब्लैक लिस्टेड
कार्रवाई से कर्मचारियों में मचा हड़कंप, नगर आयुक्त ने शासन स्तर से की जांच की मांग

वाराणसी(रणभेरी): नगर निगम वाराणसी में परिवहन विभाग में हुए करोड़ों के घोटाले में नगर आयुक्त गौरांग राठी ने सख्त एक्शन लिया है। नगर आयुक्त ने परिवहन विभाग के पांच सम्बंधित लिपिक, दो पंप लिपिक, एक जूनियर फिटर, एक स्पेयर्स पार्ट्स कीपर और एक जेई परिवहन को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इसके अलावा एक्सईएन परिवहन के विरुद्ध शासन को दंडात्मक कार्रवाई की संस्तुति का एक पत्र लिखा है।

उक्त कार्रवाई फैक्ट फाइंडिंग कमेटी की जांच रिपोर्ट आने के बाद नगर आयुक्त ने की है। इस कार्रवाई से नगर निगम के लिपिकों, कर्मचारियों में हड़कंप मचा हुआ है। वहीं नगर आयुक्त ने मुख्य सचिव को एक पत्र लिखकर साल 2018 से पहले के भी नोशन लॉस की जांच कराने के लिए एक शासन स्तर की जांच कमेटी से जांच की मांग की है। साथ ही इस जांच से जुडी फाइलों में से सिर्फ 315 फाइलों की ही जांच हो पायी है। 158 फाइलें मिसिंग है। इस सम्बन्ध में दोनों सम्बंधित लिपिकों को निलंबित कर दिया गया है।

अनियमितताओं की हो रही जांच:
इस सम्बन्ध में बात करते हुए नगर आयुक्त गौरांग राठी ने बताया कि विगत दो महीनों से दो जांच समितियों द्वारा साल 2018-19 में परिवहन विभाग वाराणसी नगर निगम में अनियमितताएं विभिन्न माध्यमों से परिलक्षित हुई थी, उसकी जांच हो रही थी। ये जांच मीडिया के माध्यम से, शासन के माध्यम से और जो लोकल सूत्र हैं उनके माध्यम से की जा रही थी। जांच समिति की रिपोर्ट कल फाइनल होकर मेरे पास आयी, जिसमे हम लोगों ने 2018-19 में दो तरह की अनियमितताएं, जो क्रय हुआ और जो मरम्मत हुई है उसमे पायी है।

करोड़ो की हुई हानि:
नगर आयुक्त ने बताया कि उसमे लगभग 22 लाख 85 हजार का डायरेक्ट लॉस और हमारा 60 से 70 लाख का नोशन लॉस भी वाराणसी नगर निगम को हुआ है। इसमें चाहे जन पोर्टल पर क्रय प्रॉपर्ली न हुआ हो। इस तरह की अनियमितता हो या फिर स्पेयर्स पार्ट्स का मेंटेनेंस, इन्वेंट्री का मेंटेनेंस, फाइलों का रख रखाव ना होना, लॉग बुक का कोई मेंटेनेंस न होना। साथ ही जो फार्म कोटेशन में पार्टिसिपेट कर रही थीं, उसके टर्न ओवर में, बैलेंस मेंटेनेंस में रिकॉर्ड्स में अनियमितता होना ये सब फैक्ट्स फाइंडिंग कमेटी के फैक्ट्स से ये सारी चीजें निकलकर सामने आयी हैं।

इनको किया निलंबित:
नगर आयुक्त ने बताया कि इस प्रकरण में शामिल पांच सम्बंधित लिपिक और दो पंप लिपिक, एक जूनियर फिटर, एक स्पेयर्स पार्ट्स कीपर और एक जेई परिवहन को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। इसके अलावा एक्सईएन परिवहन के विरुद्ध शासन को एक पत्र दंडात्मक कार्रवाई की संस्तुति के लिए लिखा गया है।

10 कम्पनी ब्लैक लिस्टेड:
नगर आयुक्त गौरानग राठी ने इस मामले में सख्ती बरतते हुए दस कंपनियां ब्लैक लिस्ट कर दिया है। उन्होंने बताया कि दस कंपनियों को ब्लैक लिस्ट करते हुए चार कंपनियों के विरुद्ध एफआईआर के लिए अपर नगर आयुक्त प्रथम को निर्देशित किया गया है। इन चार कंपनियों का लेटर पैड, एड्रेस, मोबाइल नंबर यहाँ तक की टर्न ओवर भी सेम था, जांच के बाद ये तथ्य सामने आने पर इन कंपनियों पर एफआईआर की संतुति की गयी है।

निलंबित कमर्चारियों से होगी लॉस की रिकवरी:
गौरांग राठी ने बताया कि निलंबन के बाद अपर नगर आयुक्त 15 दिन के अंदर चार्जशीट का जवाब फाइल करके एक महीने में मुझे कठोरतम कार्रवाई के सम्बन्ध में मुझे रिपोर्ट सौंपेंगे उसी के आधार पर रिकवरी सभी कर्मचारियों और अधिकारियों और लिपिकों से बराबर की जायेगी। अपर नगर आयुक्त द्वितीय जैसे ही रिपोर्ट सौंपेंगे फिर यह कार्रवाई शुरू की जायेगी।