वाराणसी: विभागीय 'जयचंद' की हरकतों से पुलिस की छवि धूमिल, हर थाने पर रामसरीख की चर्चा 

वाराणसी: विभागीय 'जयचंद' की हरकतों से पुलिस की छवि धूमिल, हर थाने पर रामसरीख की चर्चा 

कैंट, लंका, सिगरा तैनाती के दौरान चर्चा में रहते थे दरोगा साहब 

वाराणसी(रणभेरी): अपने ही कुछ चंद जयचन्दों की वजह से पुलिस महकमे की छवि धूमिल हो रही हैं। विभाग से मिलने वाले वेतन से इनकी जेब और पेट नहीं भरती है। यदि ऐसा नहीं होता तो चौबेपुर थाने पर तैनात दारोगा चन्द रुपयों के लालच में हत्यारोपियों के हाथ नहीं बिक जाता। दारोगा रामसरीख गौतम की घिनौने हरकतों की जानकारी मिलने पर एक बार फिर वर्दीधारी समाज में लोगों की नजरों से गिर गये।

पुलिस सूत्रों की मानें तो रामसरीख गौतम पैसे के पीछे कुछ इस कदर भागता है कि जांच के दौरान पैसा लेकर नाम निकालने के लिए आरोपियों के घर तक चले जाता था। बड़ागांव में तैनाती के दौरान रामसरीख ने जांच करने के नाम एक आरोपी से मोटी रकम ले लिया। मामले की जानकारी कप्तान के संज्ञान में जाने पर रामसरीख को लाइन जाना पड़ा। लंका थाने में तैनाती के दौरान रामसरीख ने जांच का मूल्य निर्धारित कर लाखों रुपये वसूल किया। हाईवे पर चलने वाले पशु तस्करों से सांठ गांठ कर रामसरीख ने मोटी रकम वसूली। 

रंगीन मिजाज है रामसरीख का:
दारोगा रामसरीख गौतम के साथ तैनात रहे पुलिसकर्मियों की मानें तो वह रंगीन मिजाज का हैं। रामसरीख गौतम के ऊपर छेड़खानी का आरोप कैंट थाने पर तैनाती के दौरान लग चुका हैं। सूर्यास्त होते ही रामसरीख नशे में मस्त हो जाता है। उसके ऊपर जबरी शराब लेने का आरोप भी लग चुका है।