वाराणसी: नहीं रहा कोई प्रतिद्वंदी, अब विश्वनाथ धाम भी बनाएगी गुजराती कंपनी

वाराणसी: नहीं रहा कोई प्रतिद्वंदी, अब विश्वनाथ धाम भी बनाएगी गुजराती कंपनी

मकर संक्रांति से शुरू करेगी काम, 18 माह में बनेगा विश्वनाथ धाम

वाराणसी(रणभेरी): श्रीकाशी विश्वनाथ धाम का टेंडर फाइनल हो चुका है। पीएम मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट के निर्माण के लिए कंपनी का चयन शुक्रवार को हो गया है। फाइनैंशल बिड खुलने पर अहमदाबाद की कंपनी पीएसपी इंफ्रास्ट्रक्चर को टेंडर मिला है। प्रमुख प्रतिद्वंदी में दिल्ली की शापूर्जी पल्लोंजी कंपनी रही, जिसके मुकाबले पीएसपी इंफ्रास्ट्रक्चर की कम कीमत कम रही।

बता दें कि श्रीकाशी विश्वनाथ धाम के निर्माण के लिये पीडब्ल्यूडी ने बीते नवम्बर माह में टेंडर जारी किया था। 12 दिसम्बर को हुई प्री-बिड मीटिंग में देश की चार कंपनियों ने हिस्सा लिया था, लेकिन आखिर में टेंडर में शापूर्जी पल्लोंजी इंजीनियरिंग व पीएसपी इंफ्रास्ट्रक्चर ही शामिल हुईं। टेंडर खुलने के बाद करीब हफ्तेभर चले तकनीकी मूल्यांकन में दोनों कंपनियों के पास होने पर शुक्रवार को वित्तीय मूल्यांकन किया गया।

विश्वनाथ धाम निर्माण खंड के मुख्य अभियंता जीपी पांडेय के अनुसार फाइनेंशियल बिड खुलने पर अहमदाबाद की पीएसपी का 339 करोड़ तथा शापूर्जी का 422 करोड़ का एस्टीमेट था। लागत कम होने के कारण पीएसपी को चयनित किया गया है। कंपनी के साथ एग्रीमेंट की प्रक्रिया अधिकतम दिन में पूरी कर ली जाएगी। नए साल में खरमास यानी 15 जनवरी के बाद यहां कार्य शुरू हो जाएगा। मुख्य अभियंता के अनुसार अगर सब कुछ सही गति से चला तो 18 महीने में यहां भव्य श्रीकाशी विश्वनाथ धाम आकार ले लेगा।

50 हजार वर्गमीटर में बनेगा कॉरिडोर
काशी विश्‍वनाथ मंदिर से ललिता एवं मणिकर्णिका घाट के 400 मीटर एरिया के 50 हजार वर्ग मीटर में प्रस्‍तावित कॉरिडोर के लिए करीब तीन सौ मकान खरीद कर ध्‍वस्‍त किए जा चुके हैं। और दर्जनभर मकानों की खरीद होना बाकी है। इसपर सरकार ने 300 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। कॉरिडोर के निर्माण के लिए योगी सरकार ने 320 करोड़ के डीपीआर को मंजूरी दी थी, लेकिन स्‍वीकृत किए गए टेंडर में धनराशि बढ़कर 339 करोड़ हो गई है।

आनंद कानन में होगा रूद्र वन
विश्‍वनाथ कॉरिडोर में आने वालों को काशी नगरी के धार्मिक और सांस्‍कृतिक स्‍वरूप के दर्शन तो होंगे ही, आनंद कानन और रूद्र वन की परिकल्‍पना भी साकार होगी। इस लिहाज से कॉरिडोर एरिया में सिर्फ 30 फीसदी क्षेत्र में निर्माण होगा। धार्मिक और पौराणिक स्‍वरूप को प्रदर्शित करने के लिए आधुनिक तकनीक का इस्‍तेमाल किया जाएगा। कल्‍चरल सेंटर, वैदिक केंद्र, टूरिस्‍ट फैसिलिटेशन सेंटर, सिटी म्‍यूजियम, जप-तप भवन, भोगशाला, मोक्ष भवन और दशनार्थी सुविधा केंद्र अधिकतम दो मंजिला ही बनेंगे। इनकी ऊंचाई विश्‍वनाथ मंदिर के शिखर से उपर नहीं होगी। रूद्र वन में रुद्राक्ष के 350 से ज्‍यादा पौधे लगाए जाने की योजना है।

पिंक सिटी की तरह चमकेगा
विश्‍वनाथ धाम में दो परिसर होंगे। मुख्‍य परिसर मंदिर के चारों ओर होगा और चार प्रवेश द्वार होंगे। घाट और मंदिर परिसर को जोड़ने के लिए एक विशाल प्रवेश द्वार होगा। इसे पार करते ही मंदिर चौक सामने होगा। यहां से घाट तक बनने वाले कॉरिडोर में फर्श से लेकर दीवारों तक में गुलाबी पत्‍थरों का उपयोग किए जाने से यह पिंक सिटी की तरह चमकेगा। मार्बल और ग्रेनाइट भी लगेगा, लेकिन यह भवनों के भीतरी हिस्‍से में होगा। कॉरिडोर से जुड़ने वाले ललिता घाट पर वृद्ध एवं दिव्‍यांगों के लिए एस्‍केलेटर की सुविधा होगी वहीं मणिकर्णिका घाट के ऊपर विशाल मंच होगा। यहां से मंदिर परिसर को जोड़ने केलिए पाथवे बनेगा।