वाराणसी: कोरोना से लड़ाई में मालवीय जी के 'मानस पुत्र' ने बीएचयू को दान की अपनी छात्रवृति

वाराणसी: कोरोना से लड़ाई में मालवीय जी के 'मानस पुत्र' ने बीएचयू को दान की अपनी छात्रवृति

कोरोना का इलाज कर रहे डॉक्टर की अपील पर भावुक होकर जितेंद्र ने अपनी छात्रवृति की दान

वाराणसी(रणभेरी): कोरोना वायरस से पूरा देश जंग लड़ रहा है। संकट के इस काल में कई योद्धा अपने-अपने तरीके से इस जंग को जीतने में मदद कर रहे हैं। वहीं काशी हिंदू विश्वविद्यालय के शोध छात्र ने अपनी एक माह की छात्रवृत्ति इस बीमारी से लड़ने के लिए बीएचयू प्रशासन को देकर मिशाल पेश किया है। कोरोना भारत के इस महाजंग में हर कोई अपनी शक्ति के अनुसार मदद करता दिख रहा है।

ऐसे में कुछ दिन पहले सोशल मीडिया पर वाराणसी के काशी हिंदू विश्वविद्यालय के सर सुंदरलाल चिकित्सालय के जूनियर डॉक्टर ने इस बात को लिखा कि ‘वह जान हथेली पर रखकर कोरोना संदिग्ध मरीज का टेस्ट कर रहे है’ जिससे पूरे विश्व विद्यालय सहित जिले में हड़कंप मच गया। हालांकि इस पूरे मामले पर जूनियर डॉक्टर कैमरे पर बोलने से पीछे हटते दिख रहे। इस विपत्ति के समय भारत रत्न पंडित मदन मोहन मालवीय के मानस पुत्र शोध छात्र जितेंद्र कुमार सिंह ने अपने एक माह की छात्रवृत्ति बीएचयू प्रशासन को दिया। ट्वीट कर इसकी जानकारी उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन और बीएचयू के वीसी को भी दिया। शोध छात्र ने अपनी 8000 रुपए लगभग जो 1 महीने की छात्रवृत्ति है, वह विश्वविद्यालय प्रशासन के अकाउंट में ट्रांसफर किया।

इस सम्बंध में जितेंद्र कुमार सिंह ने बताया समाचार पत्रों से यह खबर मिली जिससे मुझे बहुत दुख हुआ कि जिस महामना ने इतने बड़े विश्वविद्यालय की रचना कर दिया। उनके संस्थान में ऐसी बातें सामने आ रही हैं। मैंने किसी के पक्ष में हूं और ना विपक्ष में इस विपत्ति के घड़ी में मेरे पास जो था मैंने अपने एक महीने की छात्रवृत्ति विश्वविद्यालय प्रशासन को दिया है और मैं चाहता हूं कि जो छात्र सक्षम हो वह इसमें आगे आए और धरती के भगवान कहे जाने वाले इन जूनियर डॉक्टरों के साथ खड़े हो।