वाराणसी: कल्लू की गिरफ्तारी से चर्चाओं का बाजार गर्म, कल्लू पर पूर्व में तैनात डिप्टी जेलर का हाथ!

वाराणसी: कल्लू की गिरफ्तारी से चर्चाओं का बाजार गर्म, कल्लू पर पूर्व में तैनात डिप्टी जेलर का हाथ!

सीरगोवर्धनपुर निवासी शातिर अपराधी बन गया था लंका पुलिस का चहेता 
सूत्रों की मानें तो इस अपराधी के ऊपर जिले में पूर्व में तैनात एक डिप्टी जेलर का हाथ!

वाराणसी(रणभेरी): क्राइम ब्रांच और लंका पुलिस की संयुक्त मुठभेड़ में पूर्व इनामी बदमाश अनिल यादव ऊर्फ कल्लू की गिरफ्तारी पर हर लोग पुलिस के ऊपर सवाल खड़ा करने लगे हैं। 24 घंटे लंका पुलिस के साथ साये की तरफ रहने वाला कल्लू आखिर अब और कहां कितना बड़ा अपराध कर दिया कि क्राइम ब्रांच की टीम को उसे गिरफ्तार करने के लिए मुठभेड़ करनी पड़ी। भारी फोर्स के साथ मुठभेड़ हुई और कल्लू पकड़ा गया। वहीं मौके से कल्लू के दो साथी भाग निकले। 

पुलिस की यह कहानी किसी को पच नहीं रही हैं। इस मुठभेड़ में शामिल पुलिसकर्मी अपने आप सन्देह के कटघरे में खड़े हो गये हैं। सीरगोवर्धनपुर के रहने वाले कुछ लोगों की मानें तो कल्लू मौजूदा इंस्पेक्टर लंका के कहने पर अपराध छोड़कर जमीन की पंचायत और गांव के राजनीति करने लगा। सूत्रों ने तो यहां तक बताया कि पुलिस जरुर किसी बड़े अपराधी को कल्लू के माध्यम से पकड़ना चाहती हैं। क्योंकि अभी बीते कुछ  महीने पहले अधिकारियों का दबाव पड़ने पर पुलिस ने उसका आर्म्स एक्ट में चालान कर उसको सेफ कर दिया था। 

शातिर अपराधी कल्लू यादव किसी जमाने में पचास हजार का इनामी बदमाश हुआ करता था। जिला कारागार में निरुद्ध रहने के दौरान कल्लू एक डिप्टी जेलर का कारीबी हो गया। सूत्रों के अनुसार कल्लू के कहने पर डिप्टी जेलर ने इंस्पेक्टर लंका से उसकी मुलाकात कराई। पुलिस सूत्रों ने तो यहां तक बताया कि दो दिन पूर्व कल्लू  की मुलाकात थानेदार से कहीं हुई थी। बीते साल सितंबर माह में वर्चस्व की लड़ाई को लेकर गांव के रहने वाले शातिर अपराधी सुरेश यादव से कल्लू की  भिड़ंत हो गई। इसमें सुरेश ने पिस्टल से कल्लू के ऊपर ताबड़तोड़ कई गालियां चलाई, लेकिन अन्धेरा होने के कारण कल्लू मौके से बच निकला। गोली बगल में अंडे की दुकान पर खड़े एक युवक को लगी।  

मुठभेड़ में गिरफ्तार कल्लू को पुलिस ने गुरुवार को न्यायालय में पेश किया। जहां उसे 14 दिन के अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। कल्लू की गिरफ्तारी होने से उसके विरोधी खेमे मेें सनसनाहट बढ़ गई हैं। पुलिस की मानें तो सारे अपराधी इलाका छोड़कर चले गये। वहीं लंका पुलिस अपने ऊपर लगे सारे आरोपों को बेबुनियाद बताया।