वाराणसी: बीएचयू में पहली बार छात्रावास में रीडिंग कार्नर की शुरुआत

वाराणसी: बीएचयू में पहली बार छात्रावास में रीडिंग कार्नर की शुरुआत

वाराणसी(रणभेरी): बीएचयू में पहली बार किसी छात्रावास में रीडिंग कार्नर की शुरूआत की गई है, जहां छात्राएं सुकून भरे माहौल में अध्ययन कर सकती हैं। कामकाजी महिला छात्रावास के इस रीडिंग कार्नर को ज्ञान गंगोत्री नाम दिया गया है। छात्राएं खाली समय में इस ज्ञान गंगोत्री में आकर विषय से इतर किताबों का उपयोग बखूबी कर रहीं हैं। इसका शुभारंभ सरस्वती पूजा पर कुलपति प्रोफेसर राकेश भटनागर व रेक्टर वीके शुक्ल ने किया।

ज्ञान गंगोत्री को साकार रूप देने वाली वाली कोआर्डिनेटर प्रोफेसर मधु तापड़िया बताती हैं कि ऐसा प्रयास अभी तक किसी छात्रावास में नहीं किया गया है। यह पूर्ण रूप से तैयार आरामदेह मिनी लाइब्रेरी है। छात्रा प्रज्ञा सिंह व निवेदिता अत्री ने बताया कि इस पुस्तकालय में किताबों संग पत्रिकाएं, समाचार पत्र की उपलब्धता के अलावा साइबर सेक्शन भी है। यहां चौबीस घंटे हम सेल्फ स्टडी करते हैं। विधि में पीएचडी कर रहीं अदिति मुखर्जी ने बताया कि कई छात्राएं तो पूरी रात अध्ययन करती हैं। इस रीडिंग कार्नर को काफी सराहनाएं मिल रहीं हैं।

साहित्य से टूटे न नाता दो सौ से अधिक किताबों के साथ ज्ञान गंगोत्री की शुरूआत करने वाली प्रो. मधु बताती हैं कि अकादमिक गतिविधियों में इतने मशगूल हो गए हैं कि साहित्य, काव्य सहित अन्य मुद्दों से हमारा नाता टूटता जा रहा है। इसलिए इस तरह की लाइब्रेरी बनाने का विचार आया। यहां रोचक उपन्यास, बायोग्राफी, संस्कृतियों व जरूरी काव्यों के बारे में पढ़ने को मिलेगा। वहीं वार्डन डा. सुप्रिया तिवारी ने कहा कि छात्रावास में इसे शुरू करने से छात्राओं संग कामकाजी महिलाओं में पढ़ाई के प्रति रूझान बढ़ने के साथ व्यक्तित्व का भी विकास तेजी से होगा।