वाराणसी: 'बे-लिहाज़ी अंदाज़' मंच से डॉ शारदा सिंह 'शालू' युवा रचनाकारों के चेहरों पर बिखेर रहीं मुस्कान

वाराणसी: 'बे-लिहाज़ी अंदाज़' मंच से डॉ शारदा सिंह 'शालू' युवा रचनाकारों के चेहरों पर बिखेर रहीं मुस्कान

वाराणसी(रणभेरी): 'बे-लिहाज़ी अंदाज़' एक ऐसा मंच है जो  नए रचनाकारों को  विशेष कर युवा रचनाकारों को एक मंच देता है।मंच के उत्साह वर्धन हेतु समय समय पर खास रचनाकारों को आमंत्रित किया जाता है। अभी तक देश के कोने कोने से कई प्रसिद्ध रचनाकार इस मंच पर लाइव आ चुके हैं। शनिवार को फेसबुक-लाइव आकर डॉ.शारदा सिंह 'शालू' ने अपनी रचनाओं के माध्यम से नव युवा रचनाकारों का उत्साहवर्धन एवं मार्गदर्शन किया गया।

डॉ शारदा सिंह 'शालू' बनारस की एक चर्चित चेहरा हैं, जो बहुमुखी प्रतिभा की धनी हैंl चित्रकारी के साथ-साथ कविता एवं अन्य सामाजिक कार्यों में संलग्न रहती हैंl अपने संस्था 'अभ्युदय' के माध्यम से ज़रूरत मंदों के बीच शिक्षा का प्रचार प्रसार करना और समाज से जुड़कर उनकी सहायता से अनगिनत चेहरों पर मुस्कान बिखेर रहीं हैंl इसके साथ ही वह महिला चित्रकार ग्रुप 'आर्टिस्ट्री आफ वूमेन' की संस्थापक अध्यक्ष भी हैंl लॉक डाउन में ही इस प्लेटफार्म की स्थापना हुई और अभी तक लगभग 850 लोग जुड़ चुके हैं। 

लॉक डाउन के बाद यह सोशल मीडिया के साथ-साथ आउटडोर पर जगह जगह कवि-सम्मेलन एवं ओपन माइक का कार्यक्रम करवाना भी इनकी प्राथमिकता है, जिसमें तमाम जगहों के युवा रचनाकार इसमें भाग ले रहे कविता करो को प्रमाण पत्र भी वितरित किया जाएगाl डॉ शारदा सिंह 'शालू' ने कहा कि हमारे समाज और नव युवा रचनाकारों में सकारात्मक ऊर्जा पहुंच सके इस प्लेटफॉर्म से यह हमारा प्रयास है और रहेगा भीl यह प्लेटफार्म युवा रचनाकारों को एक पहचान और मुक़ाम दिलाने के लिए बनाया गया हैl  समय-समय पर इस प्लेटफार्म पर वरिष्ठ रचनाकार ऑनलाइन लाइव आकर अपनी कविताओं के माध्यम से युवा रचनाकारों का मार्गदर्शन तथा उनका उत्साहवर्धन करते रहेंगेl