वाराणसी: निगमीकरण एवं निजी करण के विरोध में डीएलडब्लू मजदूर संघ का 'सरकार जगाओ' अभियान

वाराणसी: निगमीकरण एवं निजी करण के विरोध में डीएलडब्लू मजदूर संघ का 'सरकार जगाओ' अभियान

वाराणसी(रणभेरी): डीएलडब्लू मजदूर संघ ने भारतीय मजदूर संघ के आह्वान पर गुरूवार को 'सरकार जगाओ' अभियान का समापन किया। इस अभियान में केंद्र सरकार द्वारा सरकारी एवं सार्वजनिक क्षेत्र के प्रस्तावित निगमीकरण एवं निजी करण के विरोध में प्रदर्शन कर सरकार को जगाने का कार्य किया।

डीएलडब्ल्यू मजदूर संघ के महामंत्री कृष्ण मोहन ने कहा कि इस कोरोना महामारी में सरकारी क्षेत्र पूरी तरह से अपनी उर्जा के साथ निरंतर सेवा दे रहा है, जबकि निजी क्षेत्र के चिकित्सालय मरीजों को लूटने का काम कर रहे हैं। संघ के कार्यवाहक अध्यक्ष राधा बल्लभ ने बताया कि भारत के जितने भी लाभकारी संस्थान हैं और जो भारत सरकार के आर्थिक ग्रोथ को मजबूती प्रदान कर रहे हैं, उन संस्थानों को सरकार द्वारा बेचने का जो निर्णय किया गया है वह राष्ट्रहित में नहीं है। इस निर्णय से राष्ट्र की बहुत हानि होने वाली है इसके साथ ही बेरोजगारी की स्थिति जो पहले से ही खराब चल रही है उसकी और खराब होने की संभावना है।

डीएलडब्लू मजदूर संघ के सहायक महामंत्री एवं कर्मचारी परिषद सदस्य नवीन सिन्हा ने कहा कि भारतीय रेल भारत की जीवन रेखा है, भारतीय रेल द्वारा देश के गरीबों, बीमारों और मजदूरों को उनकी यात्रा में जो सहायता मिलती है, वह निजी क्षेत्र में जाने पर सुविधाएं नहीं मिल पायेंगी। इसके साथ ही रेलवे स्टेशनों को बेचने का निर्णय राष्ट्र के लिए आत्मघाती होगा।

कार्यक्रम में श्याम मोहन, देवता नंद, जयप्रकाश, केसी पांडेय, सुमित अग्रहरि, अश्वनी यादव, आशुतोष श्रीवास्तव, राम सिंह, रंग बहादुर, सुरेश सिन्हा, रोहित अलमादी, एसबी सिंह, शकील अहमद, अनुराग, दीपक पटेल, चंदन कुमार, शिव शंकर महतो, अक्षय दत्त, कैलाश चंद्र, मृत्युंजय सिंह, मणि प्रकाश आदि शामिल रहे।

रिपोर्ट: संजय ​​​सिंह