वाराणसी: देवभूमि काशी हो रही शर्मसार, पुलिस की बेरुखी से चल रहा देहव्यापार

वाराणसी: देवभूमि काशी हो रही शर्मसार, पुलिस की बेरुखी से चल रहा देहव्यापार

बीते साल नौकरी के नाम पर प्रयागराज से बुलाकर देहव्यापार कराने का मामला आया था सामने                  पुलिस की कार्रवाई महज मुकदमा दर्ज करने तक रही सीमित

वाराणसी(रणभेरी): जिले में पुलिसकर्मियों की बेरुखी से महिलाओं व युवतियों को बधंक बनाकर देह व्यापार कराने का मामला हमेशा प्रकाश में आता रहता है। यदि ऐसा नहीं होता तो मौजूदा समय में शहर में दर्जन भर से ज्यादा बिना परमिशन के संचालित हो रहे हुक्काबार के आड़ में पुलिस की शह पर देह व्यापार का धंधा नहीं होता। महिलाओं व युवतियों को बधंक बनाने के बाद देह व्यापार कराने की जानकारी स्थानीय लोगों से मिलने के बाद पुलिसकर्मी महज अधिकारियों को दिखाने मात्र तक ही सक्रिय रहते हैं। 

सवालों के घेरे में पुलिस की कार्यशैली:

नंगा सच तो यह है कि पुलिसकर्मियों को पता होने के बावजूद पुलिसकर्मी उसे नजर अंदाज करते रहते हैं। आलम यह है कि एक के बाद एक कर लगातार शहर मेें देह व्यापार कराने की पोल खुलने लगीं हैं। देवभूमि काशी को शर्मसार कर देने वाला एक और मामला सामने आया है। कैंट थाना क्षेत्र में बीती देर रात ऐसा मामला प्रकाश में आने के बाद पुलिस की कार्यशैली एक बार फिर से सवालों के घेरे में खड़ी हो गई हैं।

नौकरी के नाम पर होती है ठगी:

बीते साल अक्टूबर महीने में प्रयागराज की रहने वाली दो युवतियों को भेलूपुर थाना क्षेत्र के महमूरगंज इलाके की रहने वाली एक महिला ने नौकरी दिलाने के नाम पर बुलाई। इसके बाद दोनों को बधंक बनाकर देह व्यापार करने के लिए बाध्य कर दिया। इस दौरान मौका देख दोनों युवतियों ने अपनी जान बचाने के लिए छत के दूसरे मंजिल से छलांग लगा दी। इस मामले में पुलिस ने दोनों युवतियों की शिकायत  पर आरोपी महिला के खिलाफ  मुकदमा दर्ज किया। मुकदमा दर्ज करने के बाद इस मामले में कोई कार्रवाई करना भेलूपुर थानेदार मुनासिफ नहीं समझें। 

महज छानबीन तक सीमित:

कैंट थाना क्षेत्र के पहड़िया स्थित संजय नगर कॉलोनी में रविवार की देर रात एक घर में सेक्स रैकेट चलने की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने छापेमारी की। पुलिस की पकड़ से बचने के लिए तीन युवतियों ने घर के तीसरे मंजिल से छलांग लगा दी। इस दौरान एक युवती की मौत हो गई। इस मामले की जांच में जुटे इंस्पेक्टर कैंट दूसरे दिन भी महज छानबीन करने तक सीमित बने हैं।