वाराणसी: ब्लाइंड मर्डर केस से उठा उठा पर्दा, लोन के 5 लाख रुपये के लिए 3 दोस्तों को उतारा था मौत के घाट

वाराणसी: ब्लाइंड मर्डर केस से उठा उठा पर्दा, लोन के 5 लाख रुपये के लिए 3 दोस्तों को उतारा था मौत के घाट

वाराणसी(रणभेरी): वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अमित पाठक के कुशल निर्देशन में थाना रोहनिया एवं थाना मंडुआडीह के संयुक्त प्रयास से विगत एक वर्ष पूर्व हुए ट्रिपल मर्डर का गुरूवार को सफल अनावरण हुआ। एसएसपी अमित पाठक ने मीडिया को बताया कि सुमित श्रीवास्तव के खाते में 5 लाख का लोन हत्या का वजह बना। हत्या में शमिल संदीप और उसके पांच दोस्त अभिषेक जायसवाल, रामविलास पटेल, पंकज पटेल, विकास पटेल, सौरभ ने मिलकर सुमित श्रीवास्तव की हत्या करके उसकी लाश को राजगढ़ के जंगल में फेंक आए। हत्या के सुराग को छिपाने के लिए दोस्त ने फिर अपने ही साथी का हत्या करके उसके लाश को गंगा में फेंक दिया था, जिसकी लाश 9-11-19 को बरामद भी किया गया। जिसमें बृजेश की पत्नी ने छह व्यक्तियों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराया था।

इस ब्लाइंड मर्डर की गुत्थी को सुलझाने में वाराणसी पुलिस को लगभग एक वर्ष लग गया। बता दें कि सबूतों को मिटाने के चक्कर में दोस्तों ने ही एक के बाद एक करके तीन दोस्तों को मौत के घाट उतारा। हत्या का मुख्य अभियुक्त सौरव उर्फ लालू और सोनू मोदनवाल दोनों फरार चल रहे हैं।गिरफ्तार किए गए अभियुक्सतों के पास से दो लाख 48 हजार नगद के साथ, बृजेश विश्वकर्मा का मोबाइल, सुमित श्रीवास्तव का मोबाइल, हत्या में प्रयुक्त दो मोटरसाइकिल एवं स्विफ्ट डिजायर कार बरामद हुआ।  

एसएसपी ने बताया कि इन तीनों हत्याओं के घटनाओं में मात्र 4,73,000 रुपये जो सुमित के खाते में लोन के आये थें उन्हीं को लेकर सीरियल से सुमित श्रिवास्तव, बृजेश विश्वकर्मा और राजू की हत्याएं की गयी। तीनों घटनाओं का मास्टर माइंड अभिषेक जायसवाल और अभियुक्त सौरभ उर्फ लालू है। छह अभियुक्तगणों को गिरफ्तार कर के जेल भेजा जा रहा है और दो अभियुक्तों की तलाश की जा रही है। 

गिरफ्तार करने वाली टीम में एसएचओ परशुराम त्रिपाठी थाना रोहनिया, निरीक्षक क्राइम इंद्रभूषण यादव, उप निरीक्षक राम कुमार पाण्डेय, उप निरीक्षक इंदुकांत पाण्डेय,प्रभारी निरीक्षक महेंद्र राम प्रजापति मण्डुआडीह, उप निरीक्षक अमित कुशवाहा, उप निरीक्षक अजय कुमार, हेड कांस्टेबल हंसराज यादव, कांस्टेबल नामित दिनकर, कांस्टेबल विजय कुमार, कांसेटबल अविनाश शर्मा, कांस्टेबल विश्वजीत पाण्डेय ने मुख्य भूमिका निभाई।

रिपोर्ट: तौफ़ीक खान