वाराणसी: जिला जेल में चल रहा पैसे का खेल, बैरक से लेकर स्पेशल मुलाकात तक का 'रेट चार्ट'

वाराणसी: जिला जेल में चल रहा पैसे का खेल, बैरक से लेकर स्पेशल मुलाकात तक का 'रेट चार्ट'

बैरक बदलने के एवज में मुंह मांगा पैसा वसूलते हैं जेलकर्मी 

वाराणसी(रणभेरी): जिला कारागार में बीते कुछ महीनों से पैसे का खेल खुल्लम-खुल्ला चलने लगा हैं। जेलकर्मी बन्दियों से मुंह मांगा रूपये वसूल रहे हैं। पैसा नहीं देने वाले बन्दियों को तरह-तरह से प्रताड़ित करते हैं। जेल सूत्रों की मानें तो जेलर के इशारे पर जेलकर्मी बन्दियों से काम न करने, बैरक बदलने, स्पेशल खाना, खास मुलाकात कराने का रेट निर्धारित कर दिया हैं। 

पुलिसकर्मियों द्वारा बन्दियों को जेल में दाखिल कराने के बाद उनको बैरक नबंर 10 में जेल कर्मी रखते हैं। इस बैरक को जेल की बोल चाल की भाषा में यात्री रेल का डिब्बा भी कहा जाता है। क्षमता से कई गुना अधिक कैदियों को बैरक नबंर 10 में रखकर जेलकर्मी परेशान और प्रताड़ित कर पैसा वसूलते हैं।

बतातें चले कि एक सप्ताह पूर्व  सिगरा थाने के विद्यापीठ पुलिस चौकी प्रभारी ने फर्जी मुकदमे में एक युवक को जेल भेज दिया। जेल में दाखिल होने के बाद जेलकर्मी उसे बैरक नबंर 10 में रखकर बैरक बदलने के एवज में पैसे की मांग करने लगें। युवक द्वारा पैसा देने से इंकार करने पर जेलकर्मी  उसे तरह-तरह से प्रताड़ित कर रहे हैं। जेल में बैरक बदलने का 1000 रुपये, काम न करने के लिए 5000 रुपये, स्पेशल खाना और मुलाकात कराने के लिए 300 रुपये प्रतिदिन दर के हिसाब से वसूलते हैं।