वाराणसी: वसंता के प्रांगण में ऑडियो-वीडियो प्रदर्शनी के माध्यम से सजी विचारों की वाटिका

वाराणसी: वसंता के प्रांगण में ऑडियो-वीडियो प्रदर्शनी के माध्यम से सजी विचारों की वाटिका

जे. कृष्णमूर्ति के 125वीं जयंती वर्ष पर तीन दिवसीय प्रदर्शनी का आगाज

वाराणसी(रणभेरी): कृष्णमूर्ति फाउंउेशन के तत्वावधान में जे. कृष्णमूर्ति की 125 वें जयंति वर्ष पर कृष्णमूर्ति स्टडी सेंटर, वसंत महिला महाविद्यालय, राजघाट की ओर से 17-19 फरवरी तक तीन दिवसीय प्रदर्शनी का आयोजन किया गया है। इस प्रदर्शनी का शुभारंभ सोमवार को हुआ। प्रदर्शनी का शीर्षक ‘प्रथम चरण ही अंतिम चरण है’ रखा गया है। पुपुल जयकर से बातचीत के दौरान कृष्णमूर्ति ने इस उद्धरण का प्रयोग किया था और यही इस प्रदर्शनी की आत्मा भी है। वसंता कॉलेज परिसर में जे. कृष्णमूर्ति के दर्शन से संचित प्रदर्शनी को देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। कला के विभिन्न आयामों के द्वारा इसकी प्रस्तुति की गई है।

गंगा के तट पर हरियालियों से भरी मुक्त वीथिका में कलात्मक संयोजन दर्शनीय है। पारंपरिक कला प्रदर्शनी से अलग इस प्रदर्शनी  में कृष्णमूर्ति के विचारों को आप अनुभव कर सकते हैं। प्रदर्शनी में विभिन्न चित्रों के माध्यम से जे. कृष्णमूर्ति के विचारों को उकेरा गया है वहीं ऑडियो आदि माध्यम से भी उनके विचार सुने-समझे जा सकते हैं। 

इस अवसर पर राजघाट बेसेंट स्कूल के छात्रों द्वारा गीतिमय संगीत भी प्रस्तुत किया जाएगा। साथ ही,कन्नति बिम्बन नामक फिल्म के प्रदर्शन के साथ कांच के टुकड़ों के संयोजन पर आधारित वृत्त चित्र भी दिखाए जाएंगे। कृष्णमूर्ति अपनी वातार्ओं में प्रेम, धर्म, संबंध, भय, मृत्यु, हिंसा, शिक्षा जैसे शब्दों का प्रयोग किया करते थे जिसमें इस दुनिया को समझ सकने की एक खास भाव भूमि होती थी। यह प्रदर्शनी उसी भाव लोक की साक्षी है। बनारस के कला प्रेमियों को यह नया स्वाद देगी।