वाराणसी: ...तो वीडीए में पैठ की वजह से नहीं ध्वस्त हो रहा राजेन्द्र यादव का अवैध निर्माण!

वाराणसी: ...तो वीडीए में पैठ की वजह से नहीं ध्वस्त हो रहा राजेन्द्र यादव का अवैध निर्माण!

लंका-रवीन्द्रपुरी मार्ग पर शराब दुकान के पीछे खड़ा कर लिया अवैध मकान
रणभेरी की खबर के बाद महज बंद हुआ काम, नहीं हो पाई कोई भी कार्रवाई
वीडीए उपाध्यक्ष के आश्वासन के बाद भी आखिर क्यों नहीं ध्वस्त हुआ अवैध निर्माण

वाराणसी(रणभेरी): कुछ स्वार्थी और लालची अधिकारियों की वजह से विकास प्राधिकरण इस समय भ्रष्टाचार का गढ़ बन चुका है। दिखाने को तो वीडीए द्वारा रोजाना ही कई अवैध निर्माण पर कार्रवाई दिखाई जाती है, पर हकीकत जानकर आप चौक जाएंगे। दरअसल वीडीए द्वारा अवैध निर्माण उसी का गिराया जाता है जो भूस्वामी वीडीए के स्थानीय अधिकारियों से सेटिंग नहीं कर पाता या उन अधिकारियों तक पैसा नहीं पहुंचा सकता। जो भूस्वामी स्थानीय अधिकारियों की जेब पैसों से भर देता है वह चाहे तो सरेआम सड़क पर अवैध निर्माण करा ले कोई चूं तक नहीं बोलेगा। अवैध निर्माण की लाख शिकायत कीजिए कोई सुनने वाला नहीं लगगे का सभी वीडीए के अधिकारी बहरे हो गए हैं। इसी तरह का मामला लंका थाना क्षेत्र का है। 

लंका-रवीन्द्रपुरी मार्ग पर स्थित बैंक ऑफ़ बड़ौदा बैंक के सामने शराब व बीयर दुकान के पीछे वीडीए के स्थानीय अधिकारियों की शह पर महीनों से अवैध निर्माण धड़ल्ले से चल रहा था। दिनदहाड़े मजदूर अवैध बिल्डिंग खड़ी करने में जुटे थे। नीचे का पूरा मकान दरवाजा बंद कर बन गया। ऊपर का निर्माण होने लगा तो हमारी नजर पड़ी। रणभेरी ने इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया। 

आपको जानकर आश्चर्य होगा कि जिस दिन खबर प्रकाशित हुई उसी दिन वीडीए के अधिकारी अवैध निर्माण के पास पहुंचे तो जरूर पर उन्होंने कोई कार्रवाई करने के बजाय भूस्वामी से कहा कि तुम मकान की चहारदीवारी पर सीमेन्ट और चूना पुतवा दो। कार्रवाई इसलिए नहीं हुई कि पहले से ही इन अधिकारियों को अवैध निर्माण के एवज में मोटी रकम दे दी जा चुकी थी। विडम्बना देखिए कि जिस मकान में सुबह मजदूर काम कर रहे थे उसी मकान में उसी शाम काम बंद कर चूना पुतवा दिया गया। कार्रवाई भ्रष्टाचार की भेंट चढ गई। लगा शायद कुछ दिन बाद कार्रवाई हो क्योंकि वीडीए के अधिकारी अन्य कार्यों में फंसे रहते हैं पर 15 दिन से ज्यादा के बाद भी अवैध निर्माण पर कुछ भी कार्रवाई नहीं हुई है। 

हमने विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष राहुल पाण्डेय से इस संदर्भ में बात की। उन्होंने कहा कि आप पूरा डिटेल दीजिए तुरंत कार्रवाई होगी। पर उपाध्यक्ष के आश्वासन के बाद भी उक्त अवैध निर्माण पर कोई कार्रवाई नहीं हो पाई। ऐसे में यह सबसे बड़ा सवाल है कि आखिर वह कौन सा कारण है कि उपाध्यक्ष के संज्ञान में आने के बाद भी उक्त अवैध निर्माण पर कार्रवाई नहीं हो रही है।