भ्रष्टाचार की हद या सत्ता का मद, भाजपा नेताओं द्वारा बांटे जा रहे फर्जी डायरेक्टर के पद!

भ्रष्टाचार की हद या सत्ता का मद, भाजपा नेताओं द्वारा बांटे जा रहे फर्जी डायरेक्टर के पद!

भारत सरकार के मंत्रालय के नाम से फर्जी संस्था बनाकर नियुक्त किए जा रहे डायरेक्टर
शहर के प्रमुख चौराहों पर एमएसएमई के यूपी डायरेक्टर राकेश त्रिपाठी ने लगवाया है बड़ा-बड़ा बैनर और पोस्टर

वाराणसी(रणभेरी): एक पूर्व भाजपा सांसद द्वारा भारत सरकार के सूक्ष्म, लुघ और मध्यम उद्योग मंत्रालय के नाम से फर्जी संस्था बनाकर देश के कई राज्यों में फर्जी डायरेक्टर की नियुक्ति करने का मामला सामने आया है। यही नहीं इस संस्था के लेटर पैड पर राष्ट्रीय चिह्न अशोक स्तम्भ का भी प्रयोग किया गया। इस फर्जी संस्था द्वारा वाराणसी दक्षिणी से बसपा की सीट से चुनाव लड़ चुके पूर्व प्रत्याशी और वर्तमान भाजपा नेता राकेश त्रिपाठी को उत्तर प्रदेश का डायरेक्टर नियुक्त किया गया है।

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राकेश त्रिपाठी और उनके चाहने वाले लोगों ने शहर के दर्जनों जगहों पर उनके डायरेक्टर होने के बड़े-बड़े होर्डिंग और बैनर लगावाए हैं। समाजिक कार्यकर्ता डॉ. अवधेश दीक्षित ने इस फर्जी संस्था की लिखित शिकायत भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र के माध्यम से किया है। उन्होंने बताया कि मैने एमएसएमई प्रमोशन काउंसिल भारत सरकार दिल्ली के डायरेक्टर यू सी शुक्ला से भी बात की जिसमें उन्होंने ऐसी कोई संस्था के होने से इनकार किया।

डॉ. अवधेश दीक्षित ने बताया कि एमएसएमई एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल नाम से एक अवैधानिक संस्था बनाकर देश के कई भागों और प्रांतों में धड़ल्ले से डायरेक्टर नियुक्त किए जा रहे हैं। एमसएएमई ईपीसी, भारत सरकार नाम से हरिनारायण राजभर, (पूर्व लोकसभा सांसद भारत सरकार एवं पूर्व मंत्री उत्तर प्रदेश सरकार तथा सदस्य, राष्ट्रीय परिषद भाजपा) नामक व्यक्ति सत्यमेव जयते लिखित भारत सरकार के राष्ट्रीय चिह्न के साथ एक लेटर पैड का प्रयोग करते हुए तमाम लोगों को अलग-अलग प्रांत का डायरेक्टर नियुक्त कर रहे हैं, जिसमें यह स्वयं को उत्तर भारत, सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम निर्यात संवर्धन परिषद का अध्यक्ष लिखते हैं।

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दिनांक 03 सितम्बर 2020 को इन्होंने एक पत्र के माध्यम से न्यू कालोनी ककरमत्ता, वाराणसी स्थित राकेश त्रिपाठी पुत्र गोपाल त्रिपाठी को डायरेक्टर एमएसएमई एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल, उत्तर प्रदेश लिखित रूप से घोषित किया है। जबकि भारत सरकार की प्रतिष्ठित संस्था एमएसएमई की एक्सार्पोट प्रमोशन काउंसिल नाम से कोई भी विंग या डिवीजन नहीं है और न हीं उक्त स्वयंभू अध्यक्ष एमएसएमई एक्सर्पोट प्रमोशन काउंसिल, हरिनारायण राजभर द्वारा लेटर पैड पर लिखित पता और प्रतिलिपि प्रेषित के दावे का पता नई दिल्ली स्थित वसंत कुंज एमएसएमई भारत सरकार के कार्यालयी कामकाज या पते से संबंधित है।

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पुन: 19 जून 2020 का भी एक नियुक्ति पत्र प्रकाश में आया, जिसे यशवीर सिंह वर्मा पुत्र मोहन सिंह वर्मा बेल्थरा रोड बलिया, उत्तर प्रदेश के नाम जारी करते हुए उन्हें एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल उत्तर प्रदेश का डायरेक्टर नियुक्त किया गया है। 30 सितम्बर 2020 को बलविंदर सिंह पुत्र शमशेर सिंह निवासी करनाल हरियाणा को भी इसी प्रकार से डायरेक्टर नियुक्त किया गया है यह सभी लोग सोशल मीडिया पर खुद को एमएसएमई का डायरेक्टर लिखते हुए तमाम बधाई और शुभकामना संदेशों का आदान-प्रदान करने में दिन-रात जुटे हैं और इससे भोले-भाले लोगों को रोजगार के नाम पर अर्दब में लेकर बरगला रहे हैं।

पीएम से किया कड़ी कार्रवाई का अनुरोध:

डॉ. अवधेश दीक्षित ने अपने पत्र के माध्यम से प्रधानमंत्री से अनुरोध किया है कि वे अविलम्ब हस्तक्षेप कर ऐसी फर्जी संस्थाओं पर रोक लगाएं और इसमें संलिप्त लोगों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई करें। डॉ. अवधेश दीक्षित ने बताया कि इस गिरोह द्वारा भारत सरकार के राज चिह्न का प्रयोब कर, एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल, भारत सरकार नाम से फर्जी संस्था गठिठ कर समाज के अवांछित तत्वों को जुटा कर मनमाने डायरेक्टर नियुक्त करने का और फर्जी नियुक्ति को सोशल मीडिया पर प्रचारित कर सीधे-सादे लोगों को अपने अर्दब में लेकर भ्रष्टाचार और दलाली का काम किया जाता है।

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फर्जी डायरेक्टर राकेश त्रिपाठी कैबिनेट मंत्री को बता रहे सहयोगी:

फर्जी संस्था द्वारा नियुक्त फर्जी डायरेक्टर राकेश त्रिपाठी लगातार सोशल मीडिया पर यह पोस्ट डाल रहे हैं कि हम एमएसएमई का डायरेक्टर बनने पर किसने किसने बधाई दी है। यही नहीं इनका मद इतना बढ गया कि इन्होंने सोशल मीडिया पर उत्तर प्रदेश के लघु, सूक्ष्म और मध्यम उद्योग के कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह को अपना सहयोगी बताते हुए उन्हें जन्मदिन की बधाई दी है। दरअसल यह अपनी लोकप्रियता को बढ़ाने और खुद को बड़ा कहलाने का तरीका है और कुछ नहीं।