बोलें बनारसी- बिजली बिल वसूली के साथ, लॉकडाउन के बाद सरकार ने किया जनता को बर्बाद

बोलें बनारसी- बिजली बिल वसूली के साथ, लॉकडाउन के बाद सरकार ने किया जनता को बर्बाद

बनारस के लोगों ने कहा, लोगों के दर्द को नहीं सुन पा रही गूंगी बहरी और असंवेदनशील सरकार
बिजली विभाग जनता को कर रहा आर्थिक रूप से खोखला, सरकारी की चुप्पी भी इसमें दे रही सहमति

‘बिजली का झटका’

वाराणसी(रणभेरी): देश ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में कोरोना महामारी ने कोहराम मचा रखा था। तब रोजाना हजारों लाखों लोग मौत के मुंह में समां रहे थे। भारत में लॉकडाउन की घोषणा की गई और जनता को सरकार ने यह विश्वास दिलाया कि उसे कोई कष्ट नहीं होगा। जनता की आर्थिक सहायता की जाएगी। लॉकडाउन के दौरान बंद काम धंधों की प्रतिपूर्ति की जाएगी पर हुआ इसके उल्टे। लॉकडाउन के बाद सरकार ने जनता को राहत देने के बजाय उन्हें बर्बाद करने का काम किया है। यह हम नहीं, बनारस की जनता कह रही है। 

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लोगों का कहना है कि लॉकडाउन के बाद जिस तरीके से अनाप-शनाप और बिना सिर पैर के बिजली बिल आए वह जनता को किसी झटके से कम नहीं लगा। जनता को सरकार से बहुत उम्मीद थी कि वह राहत देगी पर उसे क्या पता था कि सरकार उन दिनों का भी बिजली बिल उनसे वसूलेगी जिन दिनों में बिजली की खपत हुई ही नहीं। लेकिन सरकार ने वही किया। लोगों का कहना है कि बिजली बिल के भार से जनता लाचार हो चुकी है पर उसकी पुकार सुनने वाला कोई नहीं। शासन के अधिकारी, मंत्री और विभाग के कर्मचारी सभी असंवदेनशील हो चुके हैं। किसी को जनता के दुख दर्द से कोई मतलब नहीं। 

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लोगों ने कहा कि जनता को अभी तक स्मार्ट मीटर के कोई फायदे समझ नहीं आए उल्टे उसमें तमाम गड़बड़ियां सामने आई हैं। स्मार्ट मीटर लगने से पहले जिनका बिल दो से तीन हजार आता था वो अब दस से बारह हजार रुपये आ रहा है जिसकी शिकायत करते लोगों के जूते घिस जा रहे हैं पर बिजली विभाग में उनकी सुनने वाला कोई नहीं। बिजली विभाग के अधिकारी कहते हैं कि जब बिजली बिल आया है तो भरना ही पड़ेगा।

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भोजूबीर निवासी मनोज सिंह पटेल कहते हैं कि स्मार्ट मीटर से जनता परेशान है। पहले हम 60 वाट का बल्ब घरों में लगाते थे तो भी इतना बिल नहीं आता था, आज एलईडी लगाने के बाद भी कई गुना बिजली बिल आ रहा है। प्रदेश सरकार को तो चाहिए था कि लॉकडाउन में गरीब, मजदूर, किसान का बिजली बिल माफ कर दिल्ली सरकार की तरह दो सौ यूनिट बिजली नि:शुल्क दे जिससे जनता को कुछ राहत महसूस हो।

देवेन्द्र नारायण वर्मा ने कहा कि लॉकडाउन में सरकार को जहां राहत देना चाहिए वहीं उल्टे सरकार बिजली बिल कई गुना अधिक भेज कर उसे जमा करने का दबाव बना रही है जो सरासर गलत है। स्मार्ट मीटर से जनता का सीधे-सीधे शोषण हो रहा है। बिजली विभाग स्मार्ट मीटर में मिल रही तकनीकी समस्या को जल्द से जल्द दूर करे और केजरीवाल की तरह बिजली नि:शुल्क दे।

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लक्सा निवासी किशन यादव ने कहा कि स्मार्ट मीटर के कारण बिजली बिल बहुत ही अधिक आ रहा है। पहले पुराने मीटर में चार से लेकर पांच सौ तक ही बिजली बिल आता है। आज वहीं जबसे स्मार्ट मीटर लगा है घरों में दो से लेकर चार हजार तक बिजली बिल आ रहा है। लॉकडाउन में ऐसे ही घरों की आर्थिक स्थिति खस्ताहाल है उपर से यह बिजली बिल गरीबी में आटा गिला कर रहा है।

हरिनगर निवासी दीपू का कहना है कि सरकार बिजली बिल बढ़ाकर बहुत गलत कर रही है। हमलोग रोज के कमाने खाने वाले है। लॉकडाउन के कारण पिछले पांच महीने से काम धंधा एकदम से मंदा चल रहा है। उपर से इतना बिजली बिल हमलोग कहां से जमा करेंगे। सरकार व बिजली विभाग को कुछ रियायत देना चाहिए जिससे आम जनता को राहत हो।

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वहीं गौरव कहते हैं कि प्रदेश सरकार एक तो बिजली का दाम बढ़ा दी है। साथ ही साथ स्मार्ट मीटर के कारण बिजली बिल कई गुना अधिक बढ़कर आ रहा है। लॉकडाउन की वजह से काम धंधा पूरी तरह से बंद है, किसी तरह परिवार का गुजर-बसर हो रहा है, ऊपर से बिजली हमलोग कहां से जमा करें।