बोलें बनारसी- राहत के बजाय और बढ़ा दी आफत! बिजली बिल के नाम पर हो रहा छलावा

बोलें बनारसी- राहत के बजाय और बढ़ा दी आफत! बिजली बिल के नाम पर हो रहा छलावा

आपदा काल में बेतहासा और अनाप-शनाप बिजली बिल से गरीबों की कमर तोड़ दे रही सरकार
स्मार्ट मीटर हैं सबसे बड़े चीटर, अब खपत हुई कम तो बिजली बिल क्यों है ज्यादा?

'बिजली का झटका'

वाराणसी(रणभेरी): कोरोना काल में राहत देने के बजाय आम जनता के ऊपर बिजली बिल रुपी आफत सरकार ने लाद दिया है। आपदा काल में आ रहे बेतहासा और अनाप-शनाप बिजली बिल गरीबों की कमर तोड़ने का काम कर रहे हैं। रणभेरी से बातचीत में बनारस के लोगों ने कहा कि पहले लोगों की वॉट की खपत ज्यादा थी तो बिजली बिल कम था पर आज वॉट की कम खपत है तो बिजली बिल ज्यादा है। आज दोगुना से तीन गुना बिजली बिल आ रही है।

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स्मार्ट मीटर के नाम पर पता नहीं राज्य सरकार कौन सा खेल खेल रही है। आम जनता को कुछ नहीं समझ आ रहा है। यदि ऐसा ही रहा तो घर बेच कर लोगों को अपना बिजली बिल जमा करना पड़ेगा। जो दस हजार की नौकरी कर रहा है। अगर उसके घर में दो बल्ब, दो पंखे और एक टीवी भी है तो उसका बिजली बिल पांच से छह हजार रुपये प्रतिमाह आ रहा है। वह सब पैसा जमा ही कर देगा तो खाएगा क्या? यह तो पूरी तरह से जनता को मार देने का प्लान है। लोगों ने कहा कि  बिजली बिल का सीधा असर मध्यवर्गीय और गरीब परिवारों पर पड़ेगा, कोरोना काल में आर्थिक स्थिति खराब है, कमर टूट गई है। हम उत्तर प्रदेश सरकार से मांग करते हैं कि स्मार्ट मीटर की जांच कर जनता के हित में कार्य करें।

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सरकार की असंवेदनशीलता की बानगी इसी पता चलता है कि इस विपदा काल में लोगों को राहत देने के बजाय उनपर बेतहासा बिजली बिल लाद दिया गया। सरकार के कथनी और करनी में जमीन आसमान का फर्क है। लोगों ने कहा कि स्मार्ट मीटर का बिल बिना रीडिंग के आता है, यह सबसे बड़ा फ्राड है। जिनका बिल दो से तीन हजार आता था आज उनका दस हजार से बारह हजार रुपये का बिजली बिल आ रहा है।

प्रदीप कुमार मिश्रा कहते हैं कि लॉकडाउन होने से पूरी जनता जहां एक तरफ आर्थिक स्थिति से काफी कमजोर हो गया है और भुखमरी के कगार पर आ गया है वहीं दूसरी तरफ बिजली के बिल लगभग ढाई गुना ज्यादा आने से आम जनता में आक्रोश देखने को मिल रहा है। लॉकडाउन के बाद जनता ने प्रदेश सरकार से उम्मीद लगाई थी कि बिजली के बिल में कुछ रियायत मिलेगा लेकिन ऐसा न कर कर प्रदेश सरकार जनता के साथ छलावा किया है छोटे सरकार को इसके ऊपर सोचना होगा।

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सिगरा निवासी गृहणी सरिता विश्वकर्मा का कहना है कि जब से स्मार्ट मीटर लगा है तब से बिजली का बिल लगभग ढाई गुना बढ़ गया है, जिसको लेकर हम गृहणियों का गृहस्थी संभालना मुश्किल हो गया है। लॉकडाउन के बाद घर चलाना मुश्किल हो गया है ऐसे में बिजली का बिल एक बहुत ही बड़ा समस्या बनकर सामने आया है विश्व प्रदेश सरकार को विचार करना चाहिए और कुछ रियायत भी देना चाहिए।

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संगीतकार भावना कहती हैं कि जब से स्मार्ट मीटर लगना शुरू हुआ है तब से इसके स्पीड की गति इतनी तीव्र हो गई है कि गरीबों को बिल भरते भरते शायद अब घर भी बेचना पड़ जाए।  जहां पहले 3000 से 4000 बिल आता था वही अब स्मार्ट मीटर लगने से 7 से 8000 तक का बिल आ जा रहा है। ज्ञात हो कि विगत 506 माह पूर्व कोरोनावायरस से सारे बिजनेस बंद हो गए थे ,उसके बाद आम जनता भुखमरी के कगार पर आ गई थी। तब जनता ने प्रदेश सरकार से यह उम्मीद लगाई थी कि लॉकडाउन के अवधि के दौरान बिजली के बिल को माफ कर देंगे या काफी हद तक रियायत दे देंगे, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। बिजली का बिल देखकर आम जनता के होश उड़ गए। गरीब जनता प्रदेश सरकार से निवेदन करती है कि बिजली के बिल व बिजली की दरों में कुछ कमी करें। 

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युवा कांग्रेस के महानगर अध्यक्ष मयंक चौबे ने कहा कि उत्तर प्रदेश में सबसे बड़ी समस्या है बिजली विभाग द्वारा लगाया गया स्मार्ट मीटर, इस मीटर की वजह से दो गुना से चार गुना बिजली बिल आ रहा है। इससे सबसे ज्यादा परेशानी बुनकरों, छोट व मझौले व्यापारियों को हो रहा है। एक तो लॉकडाउन में काम धंधा एक दम से मंदा है दूसरी तरफ बिजली विभाग द्वारा लंबा चौड़ा बिल भेजकर जबरदस्ती दबाव बनाया जा रहा है।

वाराणसी कांग्रेस, महानगर अध्यक्ष राघवेन्द्र चौबे ने कहा कि स्मार्ट मीटर में प्रदेश सरकार का बड़ा खेल चल रहा है। आज जहां कोरोना की वजह से हर आदमी परेशान है वहीं प्रदेश सरकार बिजली बिल के नाम पर उनका दोहन कर रही है।  स्मार्ट मीटर के नाम पर बिल अधिक भेजकर उसको जमा कराने के लिए बिजली विभाग द्वारा दबाव बनाया जा रहा है।  सरकार को चाहिए कि वह बिजली बिल में छूट दे और स्मार्ट मीटर में आ रहे तकनीकी समस्या को दूर करे।

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कालीमहल निवासी सरिता सिंह कहती हैं कि स्मार्ट मीटर ने तो घर का बजट ही बिगाड़ दिया है। पुराने मीटर में जितना बिजली का हमलोग उपभोग करते थे, उतना ही बिल आता था लेकिन स्मार्ट मीटर में तो जितना उपभोग नहीं करते है, उससे कई गुना बढ़ाकर बिजली बिल भेज दिया जा रहा है जो लोगो को काफी तकलीफ दे रहा है।  सरकार व बिजली विभाग को इस तरफ ध्यान देना चाहिए। हम गृहणियों को बिजली बिल की वजह से घर को चलाना मुश्किल हो गया है।