खुलासा: लॉकडाउन में सिगरा पुलिस मेहरबान, मीट की बिक्री के लिए खुली हैं चार दुकान

दुकानों पर मीट लेने के लिए लग रही लोगों की भीड़, लॉकडाउन, धारा-144 की उड़ी धज्जियां
रणभेरी के स्टिंग में हुआ बड़ा खुलासा, शिवपुरवा में धड़ल्ले से चलता है मीट बिक्री का धंधा
 

वाराणसी(रणभेरी): एक ओर दिन प्रतिदिन बनारस में कोरोना का कहर बढता जा रहा है, कोरोना संक्रमितों की संख्या बढकर 15 पहुंच चुकी है, पूरा जनपद दहशत में है, घरों में रहने के बावजूद लोग भयभीत हैं वहीं दूसरी ओर सिगरा पुलिस की मेहरबानी से शिवपुरवा में सरेआम सुअर का मांस बेचा जा रहा है। रणभेरी के स्टिंग में यह सबसे बड़ा खुलासा हुआ है। शिवपुरवा में बाबूलाल के बाड़े के बगल में तीन और पहलवान वीर बाबा मंदिर के मोड़ पर एक कुल चार सुअर के मीट की दुकाने क्षेत्र में खुलेआम चल रही हैं। इन दुकानों पर सुअर का मीट खरीदने के लिए सुबह 6 बजे से दोपहर 1 बजे तक लोगों की भीड़ लग रही है। 

लॉकडाउन में मीट की दुकानों पर पूर्ण प्रतिबंध है, सुअर का मीट को बेचना वैसे आम दिनों में भी गैरकानूनी हैं। बावजूद इसके यहां लॉकडाउन और धारा-144 की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। नाम न बताने के शर्त पर एक स्थानीय नागरिक ने बताया कि पुलिस के मिलीभगत से ही सुअर के मीट बिक्री का यह धंधा धड़ल्ले से चल रहा है। पुलिस और अन्य नगर निगम के संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को महीने में मीट कारोबारी पैसा पहुंचाते हैं हालांकि रणभेरी इस आरोप की पुष्टि नहीं करता। लेकिन यह बात भी गले से नहीं उतरती कि लॉकडाउन में जहां पूरे शहर में पुलिस की सख्ती है और पुलिस मूवमेंट तेज है, वहीं इस क्षेत्र में एक दो नहीं बल्कि चार सुअर के मीट की दुकानें खुलेआम चल रही हैं और पुलिस को इसकी खबर तक नहीं। इसमें कहीं न कहीं पुलिस की नाकामी और लापरवाही दिखती है जिसका दंश पूरे शहर को भुगतना पड़ सकता है।

ऐसे हुआ खुलासा:

दरअसल हमें कई दिनों से यह सूचना मिल रही थी कि पुलिस के शह पर शिवपुरवा में सुअर का मीट बेचा जा रहा है। इस सूचना को पुष्ट करने के लिए हमारे रिपोर्टर ने खुद ग्राहक बनकर मीट के दुकानों का दौरा किया और वीडियो भी बनाया। सुअर मीट बिक्री का वीडियो भी रणभेरी के पास सुरक्षित है। जब हमारा रिपोर्टर उस क्षेत्र में गया तो उसने कई लोगों से सुअर की मीट के बारे में पूछा। सबने मीट दुकान का पता उसे बताया। 

उसके बाद एक स्थानीय नागरिक सुअर का मीट दिलाने के लिए रिपोर्टर को बाबूलाल के बाड़े के बगल में सनतन उर्फ संता के दुकान पर ले गया, जहां दुकान में खुलेआम सुअर का मीट काटा जा रहा था। रिपोर्टर ने रेट पूछा तो दुकानदार ने 180 रुपये प्रति किलो मीट का रेट बताया। रिपोर्टर जब वहां से यह कहकर बाहर निकला की मीट ताजा नहीं है तो कुछ स्थानीय युवकों ने बताया कि पास में जगनारायण उर्फ गुंडा और रीशू की भी दुकान है। इसके अलावा पहलवान वीर बाबा मंदिर के पास महेश की भी दुकान हैं जहां आपको सुअर का ताजा मीट मिलेगा।

सुअर के मांस बिक्री का लाइसेंस भी नहीं होता जारी:

शहर में मछली और चिकेन के दुकानों के लिए नगर निगम द्वारा लाइसेंस जारी होता है उसमें भी सुअर के मांस की बिक्री का लाइसेंस नहीं जारी होता। सुअर के मीट को बेचना गैरकानूनी है। ऐसे में आम दिनों को तो छोड़िए इस समय जब पूरे देश में लॉकडाउन घोषित है, यहां सरेआम सुअर का मीट बेचा जा रहा है। पीएम के संसदीय क्षेत्र के लिए इससे शर्मनाक बात और कुछ नहीं हो सकती।