पीएम इमरान खान ने खत्‍म किया लॉकडाउन, वायरस के साथ रहने की आदत की अपील

पीएम इमरान खान ने खत्‍म किया लॉकडाउन, वायरस के साथ रहने की आदत की अपील

इस्‍लामाबाद: पाकिस्‍तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने ऐलान किया है कि उनकी सरकार कोरोना वायरस की वजह से जारी लॉकडाउन को खत्‍म कर रही है। देश में महामारी से संक्रमित होने वाले लोगों की संख्‍या में लगातार इजाफा हो रहा है। इसके अलावा मृतकों को आंकड़ा भी तेजी से बढ़ रहा है। लेकिन इमरान ने जनता को देश की अर्थव्‍यवस्‍था का हवाला देते हुए वायरस के साथ रहने की अपील की है। 

लगातार टूटती अर्थव्‍यवस्‍था का हवाला:

पाकिस्‍तान सरकार की तरफ से लॉकडाउन को लगभग पूरी तरह से खत्‍म कर दिया गया है। लेकिन सिनेमा हॉल, थियेटर्स और स्‍कूल अभी बंद रहेंगे इमरान खान ने कहा कि पाक को खासा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है जिसमें निर्यात में तेजी से गिरावट आई है। साथ ही राजस्‍व संग्रह में 30 प्रतिशत तक की गिरावट आई है। पाक को इस समय पेमेंट क्राइसिस से भी गुजरना पड़ा है। माना जा रहा है कि उसका घाटा बढ़कर 9.4 प्रतिशत तक पहुंच सकता है और राजस्‍व में तेजी से गिरावट आ सकती है। टेलीविजन पर देश की जनता को संबोधित करते हुए इमरान ने कहा कि उनका देश अब और नुकसान झेलने की हालत में नहीं है। बाकी देशों की तरह यहां पर लॉकडाउन को लागू नहीं किया जा सकता है। उन्‍होंने दोहराया कि देश की 50 मिलियन आबादी गरीबी रेखा से नीचे हैं और 25 मिलियन लोग रोजाना की मजूदरी पर जिंदा रहते हैं। 

अभी और फैलेगा संक्रमण:

इमरान ने बताया कि सरकार ने उन लोगों को कैश दिया है जो बहुत गरीब हैं। लेकिन सरकार ऐसा बहुत लंबे समय तक नहीं कर सकती है। इमरान के मुताबिक 130 से 150 मिलियन तक लोग लॉकडाउन की वजह से खासे प्रभावित हुए हैं। उन्‍होंने कहा कि सरकार कब तक गरीबों को पैसे बांटती रहेगी। इमरान ने कहा, 'आपको समझना होगा कि कोरोना वायरस कहीं नहीं जा रहा है जब तक कि इसकी कोई वैक्‍सीन नहीं डेवलप हो जाती है। पूरी दुनिया इसी निष्‍कर्ष पर पहुंच चुकी है।' 

इमरान ने लोगों से अपील की कि वो जिम्‍मेदारी बरतें लेकिन संक्रमण और मौत को नहीं रोका जा सकता है। इमरान के शब्‍दों में, 'वायरस अभी और फैलेगा। मुझे अफसोस के साथ कहना पड़ रहा है कि देश में अभी और मौतें होंगी।' पाक के स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय के मुताबिक सिंध में 28,245 केस, 10,027 खैबर पख्‍तून्‍ख्‍वां में, 4,393 बलूचिस्‍तान में, 2,589 इस्‍लामाबाद में, 711 गिलगित बाल्टिस्‍तान में और 255 मामले पीओके में हैं।