निर्भया केस: तिहाड़ जेल में 'सुसाइड वॉच' पर चारों दोषी, 'हाई रिस्क' वार्ड में हो रही निगरानी

निर्भया केस: तिहाड़ जेल में 'सुसाइड वॉच' पर चारों दोषी, 'हाई रिस्क' वार्ड में हो रही निगरानी

नई दिल्ली: निर्भया केस के चार गुनहगारों को पटियाला हाउस कोर्ट ने डेथ वारंट जारी किया है, जिसके मुताबिक चारों दरिंदों को 1 फरवरी को फांसी पर लटकाया जाना है। चार में से दो दोषियों ने सुप्रीम कोर्ट में क्यूरेटिव पिटीशन दाखिल की थी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया था। जबकि दोषी मुकेश की दया याचिका राष्ट्रपति ने खारिज कर दी है। दूसरी तरफ, तिहाड़ में चारों दोषियों को कड़ी सुरक्षा में रखा गया है। सामने आ रही जानकारी के मुताबिक, चारों दोषी तिहाड़ जेल में 'सुसाइड वॉच' पर हैं।

'सुसाइड वॉच' पर चारों दोषी: 

भारत की सबसे बड़ी जेल में सबसे संरक्षित कैदियों में मुंबई का अंडरवर्ल्ड गैंगस्टर छोटा राजन, दिल्ली का डॉन नीरज बवाना या बिहार के राजनेता मोहम्मद शहाबुद्दीन नहीं हैं, बल्कि निर्भया गैंगरेप-मर्डर केस के चार दोषी हैं, जिन्हें 1 फरवरी को फांसी दी जाने वाली है। जेल अधिकारियों ने नाम ना छापने की शर्त पर कहा कि दोषी मुकेश सिंह (32), पवन कुमार गुप्ता (25), अक्षय ठाकुर (31) और विनय शर्मा (26) को 16 जनवरी को तिहाड़ की जेल नंबर 3 में शिफ्ट किया गया था, ये चारों 'सुसाइड वॉच' पर हैं, तिहाड़ में ऐसा पहले कभी नहीं देखा गया था।

हर सेल में लगे हैं दो सीसीटीवी कैमरे:

चारों दोषियों को जेल के 'हाई रिस्क' वार्ड के एक हिस्से में अलग-अलग सेल में रखा गया है। 6*8 फीट की सेल में कोई लोहे की रेलिंग या बीम ऊपरी हिस्से में नहीं हैं। सेल का कोई भी हिस्सा किसी कपड़े से ढका नहीं जा सकता है। चौबीस घंटे ड्यूटी पर दो गार्ड होते हैं और यहां तक ​​कि जब कैदी अटैच शौचालय का यूज करते हैं, तो उनके सिर दिखाई देते हैं। सेल की दो बार चेकिंग होती है। हर सेल में दो सीसीटीवी कैमरे निगरानी के लिए लगाए गए हैं।

लाइव फीड की होती है हर वक्त निगरानी: 

कंट्रोल रूम से हर वक्त लाइव फीड की निगरानी की जाती है। चारों दोषियों को डेथ वारंट जारी किए जाने के बाद 1 फरवरी को तिहाड़ जेल में फांसी दी जानी है। इसके पहले, चार दोषियों में से एक विनय ने शुक्रवार को दिल्ली की अदालत से अपील की थी कि वह तिहाड़ जेल के अधिकारियों को निर्देश दे कि उसे 170 पन्ने की निजी डायरी सौंपी जाए। विनय ने कोर्ट से अपील की है कि उसकी निजी डायरी को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के पास दया याचिका के साथ भेजा जाए।