कानपुर मुठभेड़: चौबेपुर थाने के निलंबित एसओ गिरफ्तार, विकास दुबे को दी थी पुलिस के छापे की सूचना!

कानपुर मुठभेड़: चौबेपुर थाने के निलंबित एसओ गिरफ्तार, विकास दुबे को दी थी पुलिस के छापे की सूचना!

लखनऊ: कानपुर एनकाउंटर मामले में पुलिस ने आज चौबेपुर के निलंबित थाना प्रभारी विनय तिवारी को गिरफ्तार कर लिया है। विनय तिवारी पर आरोप है कि उन्होंने ही विकास दुबे को खबर दे दी थी कि पुलिस उसके घर छापा मारने वाली है। विनय तिवारी पुलिस टीम पर हमले के मुख्य आरोपी विकास दुबे को पुलिस से जुड़ी जानकारी देते थे। पुलिस ने विनय तिवारी के साथ बीट प्रभारी केके शर्मा को भी गिरफ्तार किया है।

कानपुर रेंज के आईजी मोहित अग्रवाल ने बताया, 'चौबेपुर के पूर्व एसओ विनय तिवारी और बीट इनचार्ज के के शर्मा को गिरफ्तार कर लिया गया है। ये दोनों एनकाउंटर के वक्त मौजूद थे लेकिन बीच में ही उस जगह को छोड़कर चले गए।' गैंगस्टर विकास दुबे को बचाने में चौबेपुर थाने के एसओ विनय तिवारी और अन्य पुलिसकर्मियों की संलिप्तता के आरोप लगने के बाद इसकी जांच के आदेश दिए गए थे। शुरुआती जांच में यह सही पाया गया। जांच में सामने आया कि थाने में तैनात कई पुलिस उपनिरीक्षक, हेड कॉन्स्टेबल और कॉन्स्टेबल हिस्ट्रीशीटर दुबे के लिए मुखबिरी कर रहे थे।

कानपुर के एसएसएपी दिनेश प्रभु ने बताया, 'सबूतों के आधार पर यह पाया गया है कि विनय तिवारी और के के शर्मा ने विकास दुबे को सूचना दे दी थी कि उसके घर छापेमारी होने वाली है। इसीलिए वह अलर्ट हो गया था और उसने पुलिस पर हमला कर दिया। यही कारण था कि आठ पुलिसवालों की जान चली गई।'

पूरा चौबेपुर थाना हुआ लाइनहाजिर:

मंगलवार को थाने में तैनात सभी 68 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया गया था। उनके खिलाफ विस्तृत जांच की जा रही है। उसकी रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। बिल्हौर के तत्कालीन पुलिस क्षेत्राधिकारी देवेंद्र मिश्रा ने उन्हें चौबेपुर के थानाध्यक्ष विनय तिवारी और गैंगस्टर विकास दुबे के करीबी रिश्तों का आरोप लगाते हुए कार्रवाई के लिए कथित रूप से पत्र लिखा था। आरोप ही के विनय तिवारी की विकास दुबे के साथ नजदीकियों के चलते ही उन्होंने दबिश की सूचना विकास तक पहुंचाई।