Irrfan Khan: 'ये शहर हमें जितना देता है उससे ज्यादा लेता है', इरफान खान के वो डायलॉग जो हमेशा करेंगे राज

Irrfan Khan: 'ये शहर हमें जितना देता है उससे ज्यादा लेता है', इरफान खान के वो डायलॉग जो हमेशा करेंगे राज

बॉलीवुड एक्टर इरफान खान का 54 साल की उम्र में निधन हो गया है। वे मुंबई के कोकिलाबेन अस्पताल में भर्ती थे। उनकी हालत काफी गंभीर थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इरफान पेट की समस्या से जूझ रहे थे। उन्हें Colon infection हुआ था।  ऐसे में अब जब इरफान नहीं हैं तो वह अपने काम के जरिए ही फैंस के बीच हमेशा याद किए जाएंगे। वहीं, इरफान खान लगातार अदाकारी की नई परिभाषाएं गढ़ीं और कमर्शियल से लेकर ऑफबीट सिनेमा तक उन्होंने अपने लिए खुद एक अलग जगह बनाई।

इसमें उनके डायलॉग काफी हम भूमिका निभाई। साल 2013 में इरफान को पान सिंह तोमर के लिए उन्हें बेस्ट एक्टर के राष्ट्रीय अवॉर्ड से नवाजा गया था। इसमें उनकी संवाद अदायगी कमाल की थी। आइए आज इस एक्टर के कुछ शानदार डॉयलाग से रूबरू करवाते हैं।

# कहो हां

साल 2012 में आई फिल्म पान सिंह तोमर आज भी सबके जुबान पर चलती रहती है। इस फिल्म के लिए इरफ़ान खान को 2013 में बेस्ट एक्टर के राष्ट्रीय अवॉर्ड से नवाज़ा गया था।

 # तुमको याद रखेंगे गुरु हम आई लाइक आर्टिस्ट

हासिल फिल्म इरफ़ान खान की शुरुआती फिल्मों में से है। छात्र राजनीति पर आधारित इस फिल्म ने क्रिटिक्स में काफी सराहना बटोरी।

# रिश्तों में भरोसा और मोबाइल में नेटवर्क न हो तो लोग गेम खेलने लगते हैं

 2005 में आई फिल्म जज्बा का यह डायलॉग्स काफी मशहूर हुआ था। इस फिल्म में इरफ़ान खान इंस्पेक्टर योहान का किरदार निभाया था।

# शराफत के दुनिया का किस्सा ही खत्म। अब जैसी दुनिया वैसे हम

जज्बा फिल्म का ये भी डायलॉग अभी भी मशहूर है

# पिस्टल की ठंडी नाली जब कनपटी पर लगती है ना, तब जिंदगी और मौत का फर्क समझ में आता है।

साल 2006 में आई फिल्म द किलर ये डायलॉग जितना बेहतरीन है उससे कहीं ज्यादा इसे कहने का अंदाज रहा।

# बाज़ चूज़े पर झपटा, उठा ले गया ,कहानी सच्ची पर अच्छी नहीं लगती…
बाज़ पर पलटवार हुआ, कहानी सच्ची नहीं पर अच्छी लगती है…

एक बेहतरीन एक्टिंग किसे कहते हैं अगर जानना है तो एक बार फिल्म मदारी जरुर देखनी चाहिए।इस फिल्म ने साबित कर दिया कि इरफ़ान खान के टक्कर का कोई नहीं है।

# पिस्टल की गोली और लौंडिया की बोली जब चलती है…तो जान दोनों में ही खतरे में होती है

फिल्म गुंडे

# सिर्फ इन्सान गलत नहीं होते, वक़्त भी गलत हो सकता है

फिल्म डी-डे

# ये शहर हमें जितना देता है बदले में उससे ज्यादा ले लेता है

फिल्म लाइफ इन ए मेट्रो

# इश्क़ का एक प्रोब्लम है, अगर एक की लगी तो दुसरे की भी लगनी है कभी न कभी

फिल्म ये साली ज़िन्दगी