हाल-ए-काशी विद्यापीठ: कोरोना काल में नहीं दिया गया विश्वविद्यालय के शिक्षकों का वेतन, वेबसाईट से हटाया ई-कंटेंट

हाल-ए-काशी विद्यापीठ: कोरोना काल में नहीं दिया गया विश्वविद्यालय के शिक्षकों का वेतन, वेबसाईट से हटाया ई-कंटेंट

वाराणसी (रणभेरी): महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के समस्त संविदा शिक्षकों का बैठक शनिवार को भारत माता मंदिर परिसर में हुई। बैठक में विगत 4 महीनों से रुके हुए वेतन को भुगतान करने के संदर्भ में पत्रक दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि संविदा शिक्षकों के साथ विश्वविद्यालय के मुखिया अनायास अन्याय कर रहे हैं। विगत 4 महीनों से इस कोरोना काल में वेतन का भुगतान ना करना, मानवता को शर्मसार करने जैसा है। जबकि 9 मई 2020 को हुए कार्यपरिषद की बैठक में शासनादेश को स्वीकार किया गया है, जिसकी अध्यक्षता स्वयं कुलपति कर रहे थे।

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उन्होंने कहा कि कार्य परिषद की बैठक में मानक अनुसार वेतन भुगतान करने का भी निर्णय लिया जा चुका है। अब कुलपति स्वयं ही कार्य परिषद के आदेश का एवं शासनादेश का उल्लंघन कर रहे हैं, जिससे अध्यापकों में रोष व्याप्त है। इसके साथ ही गंगापुर परिसर के निदेशक प्रोफ़ेसर योगेंद्र सिंह के आदेशानुसार गंगापुर के संविदा शिक्षकों के द्वारा विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर अपलोड किये हुए ई-कंटेंट को वेबसाइट से हटा दिया गया जबकि समस्त संविदा शिक्षकों के पास साक्ष्य के रूप में अपलोड किए हुए ई-कंटेंट का स्क्रीनशॉट लिया जा चुका है। विश्वविद्यालय प्रशासन के द्वारा किये गए इस कार्य की हम सभी शिक्षक घोर निंदा करते है।