प्रशासन की उदासीनता से बनारस के इस ऐतिहासिक संगम तालाब पर पड़ी गंदगी की चादर

प्रशासन की उदासीनता से बनारस के इस ऐतिहासिक संगम तालाब पर पड़ी गंदगी की चादर

प्रशासन की उदासीनता और अतिक्रमण ने छीनी संगम तालाब की सुंदरता

वाराणसी (रणभेरी): अभी तक आपने नदियों का संगम सुना होगा, तालाबों का शायद नहीं। लेकिन आराजी लाइन विकास खंड क्षेत्र के राजातालाब में तीन तालाबों का संगम है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में अब यह ऐतिहासिक संगम तालाब संकट में है। कचनार गांव स्थित ऐतिहासिक संगम तालाब, रानी बाजार गांव स्थित रानी तालाब और हरपुर गांव स्थित भैरव तालाब को कालांतर में एक दूसरे से जुड़ा था। शासन और प्रशासन के उदासीनता के कारण अब यह एक दूसरे से दूर होते जा रहे हैं। अब इन तालाबों का अस्तित्व संकट में है, पूर्व में संगम तालाब को उसकी सुंदरता के लिए जाना जाता था लेकिन अव्यवस्थित विकास ने तालाब की सुंदरता को छीन लिया।

राष्ट्रीय राजमार्ग ने हाइवे चौड़ीकरण को पुराने नाले के जरिए बारिश का पानी तालाब में सीधा तालाब को आता था उस पुराने नाले को बंद कर के तालाब में हाइवे द्वारा सीवर गिराया जा रहा है। पानी की जगह तालाब में अब सिर्फ गंदगी और काई ही नजर आती हैं, इसके अलावा कूड़ा कचरा तालाब में फेंका जा रहा है। गंदगी का आलम यह है कि दुर्गंध के कारण तालाब के किनारे खड़ा होना भी मुश्किल है। अब यह ऐतिहासिक संगम तालाब गदंगी से पटता जा रहा है। इसको लेकर लोगों में नाराजगी है। दशकों से अतिक्रमण की जद से कराह रहे उक्त तालाब पर अब गंदगी फैलाई जा रही है। ग्राम पंचायत की ओर से इस पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। सफाईकर्मी तक उक्त तालाब में झांकने तक भी नहीं आते हैं। प्रशासन और ग्राम पंचायत की ओर से ध्यान न देने से धीरे-धीरे तालाब अपना अस्तित्व खोता जा रहा है।

काशी नरेश के शासनकाल में हुआ था स्थापित:

स्थानीय निवासी सामाजिक कार्यकर्ता राजकुमार गुप्ता ने कहा कि गंदगी से तालाब के अस्तित्व पर संकट आ गया है। पूर्व काशी नरेश के शासनकाल में राजा ने रानी बाजार और हरपुर में कई बीघे का तालाब स्थापित कराया था। राजा के समय से ही पंचकोशी मार्ग कचनार में गुजरात के तीर्थ यात्री संगम मारवाड़ी ने इन दोनों तालाबों के मध्य में स्थित कचनार गांव में संगम तालाब खुदवा कर गांव वासियों को दान में दिया था और तीनों तालाबों का एक दूसरे से जुड़ाव भी किया था, जिसे संगम नाम से आज भी जाना जाता है।

स्थानीय निवासी कृष्णा प्रसाद जायसवाल, विजयी राम कनौजिया, राजकुमार गुप्ता, आयुष कुमार राय, पप्पू विश्वकर्मा, संदीप जायसवाल, शकुंतला देवी ने कहा कि उक्त तालाब का सुंदरीकरण कराया जाए तो पर्यटन स्थल बन सकता है। तालाब पर धर्मशाला, देवालय भी स्थापित है। लोगों ने जिला प्रशासन और ग्राम पंचायत से मांग किया कि तालाब के आसपास सुंदरीकरण का कार्य कराया जाए। वहां फेंकी जा रही गंदगी को रोका जाए।

रिपोर्ट: नदीम