बोले बनारसी- बिजली बिल पर मच रहा बवाल, कोरोना काल में उठ रहा यूपी सरकार की सोच पर सवाल

बोले बनारसी- बिजली बिल पर मच रहा बवाल, कोरोना काल में उठ रहा यूपी सरकार की सोच पर सवाल

बिजली बिल का नियम देश हर प्रदेश में समान रूप से होने चाहिए लागू
अगर दिल्ली में दो सौ यूनिट बिजली है फ्री तो यूपी में आखिर क्यों नहीं?

'बिजली का झटका'

वाराणसी(रणभेरी): हजारों वर्षों में शायद पहली बार ऐसी विपदा आई जब देश की जनता को अन्न के एक एक दाने के लिए संघर्ष और मेहनत करनी पड़ती है पर ऐसी सरकार भी पहली बार आई है जो जनता के दर्द को दरकिनार कर उसपर बिजली बिल सरीखे बोझ लाद रही है। कोरोना काल में वैसे ही जनता की कमर टूट चुकी है ऊपर से मनमानी बिजली बिल ने उन्हें बेहाल कर दिया है।

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रणभेरी से बातचीत के दौरान बनारस के लोगों ने कहा कि लॉकडाउन के चार महीने बाद भी नहीं समझ नहीं आ रहा है कि सरकार क्या कर रही है। कोरोना काल में परेशानी के दौर में बिजली बिल बढ़ाकर आ रहा है कहां से हम लोग जमा करेंगे। सरकार बोलती है कि स्टे होम। अरे जब बिजली ही कट जाएगी तो बिना बिजली के कैसे करेंगे स्टे होम। क्या स्टे होम बिदआउट बिजली रहना पड़ेगा? कोरोना से कैसे लड़े जब सरकार बिजली की व्यवस्था नहीं कर पा रही है तो अंधेरे में रहकर कोरोना से लड़ें? सरकार ने कहा था कि बैंक का ईएमआई माफ किया जाएगा, स्कूल फीस और बिजली बिल माफ किया जाएगा पर कुछ नहीं हुआ। आखिर क्यों? क्या जनता को भुगतने के लिए छोड़ दिया गया है?

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लोगों ने कहा कि जो स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं वे बिजली रहने पर तो चल ही रहा है बिजली न रहने पर भी इसकी रफ्तार कम नहीं हो रही है, उस समय भी यह चल रहा है। महीने में तीन से चार गुना बिल आ रहा है। लॉकडाउन में अवैध तरीके से लोगों से बिल की वसूली की जा रही है। बिजली बिल हर जिले, हर प्रदेश और हर क्षेत्र में सामान होना चाहिए। दिल्ली की तरह यूपी में भी बिजली माफ होनी चाहिए पर पता क्यों सरकार को कुछ नहीं सूझ रहा है और न हीं वह इस तरह की कोई घोषणा ही कर रही है।

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बनारस के लोगों ने कहा कि जहां भी स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं एक तरह से वहां अवैध वसूली के ये यंत्र लग चुके हैं। जिनका एक किलावॉट का कनेक्शन है उनका तीन किलोवॉट का बिजली बिल आ रहा है। वहीं बिजलीकर्मियों द्वारा पैसे लेकर भारी अनियमितता की जा रही है। ज्यादा बिल कम कर दिया जा रहा है। लेकिन जो आम जनता है जिसके पास खाने तक पैसा नहीं है वह भुगत रही है सिवा शासनादेश मानने के कर भी क्या सकती है। सरकार इस समय मूक बधिर बन चुकी है उसे जनता की कोई भी परेशानी और समस्या से कोई लेना देना नहीं है।

चांदपुर निवासी राजेश मिश्रा कहते हैं  कि स्मार्ट मीटर के कारण बिजली बिल बहुत अधिक आ रहा है। पहले पुराने मीटर से चार से पांच सौ के बीच बिजली बिल आता था, अब जबसे स्मार्ट मीटर लगा है दो हजार से तीन हजार के बीच आ रहा है। सरकार स्वदेशी का नारा दे रही है उसे चाइना में बने मीटर की जगह भारत में बना मीटर लगाना चाहिए और साथ ही बिजली विभाग को चाहिए वह अपने उपभोक्ताओं को कुछ छूट दे जिससे वह बिजली बिल सरलता से जमा कर सके।

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मड़ोली निवासी संदीप ने कहा कि कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए हुए लॉकडाउन में काम धंधा पूरी तरह से बंद था। आम जनता अपने परिवार को दो वक्त की रोजी रोटी के लिए परेशान थी और बिजली विभाग द्वारा उपर से मनमाना बिजली बिल भेज दिया गया जिससे हमलोग काफी परेशान है। सरकार को चाहिए कि वह जनता के हितों का ध्यान दें। 

चांदपुर निवासी बुनकर अवधेश का कहना था कि बिजली विभाग द्वारा इतना बिजली बिल भेज दिया है उससे बुनकर उसको लेकर परेशान है। एक तो लॉकडाउन की वजह से बुनकरी का काम पूरी तरह से बंद है उपर से इतना लंबा चौड़ा बिजली बिल कहां से हमलोग जमा करेंगे। सरकार को चाहिए कि वह बुनकरों की सहायता कर उसको रोजगार धंधा करने में मदद करे।

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शिवपुर निवासी कौशल विक्रम पटेल ने कहा कि लॉकडाउन को चार महीने से उपर हो गये लेकिन सरकार जनता के लिए कुछ कर नहीं रही है। स्मार्ट मीटर के कारण बेतहाशा बिंजली बिल आ रहा है जिसको जमा करना मुश्किल हो रहा है। दिल्ली सरकार की तरह प्रदेश की योगी सरकार भी जनता को नि:शुल्क बिजली दे और पुराना बिल जमा करने में सहयोग करे।

आर्य महिला कॉलेज की प्रवक्ता पूजा दीक्षित का कहना था कि लॉकडाउन के दौरान बिजनेस जहां एक तरफ बंद हो गए थे वहीं दूसरी तरफ आम जनमानस पर दिनचर्या पटरी से उतर गया इन सबके बीच बिजली का बिल आम जनता के लिए सर दर्द बना है जब से स्मार्ट मीटर लगना शुरू हुआ है तब से बिजली के बिल में लगभग ढाई गुना बढ़ोतरी हुई है लॉक डाउन के दरमियान आम जनता ने उम्मीद किया था की प्रदेश सरकार बिजली के बिल पर कुछ रियायत करेगी लेकिन ऐसा कुछ होता नहीं दिख रहा।