बनारस में ओछी राजनीति, सिर्फ भाजपा के वोटरों को किया जा रहा मोदी किट का वितरण

बनारस में ओछी राजनीति, सिर्फ भाजपा के वोटरों को किया जा रहा मोदी किट का वितरण

केवल भाजपा के पोलिंग एजेंटो, पन्ना प्रमुखों और वोटरों को ही बांटे जा रहे हैं मोदी किट
मुस्लिम इलाकों को छोड़कर हिन्दु बाहुल्य इलाकों में बांटा जा रही यह राहत सामाग्री

वाराणसी(रणभेरी): कोरोना के संकट के बीच गरीबों को राहत पहुंचाने के उदेश्य से शुरू की गई मोदी कीट केवल भाजपा के वोटरों को ही बांटी जा रही है और ऐसा कहीं और नहीं बल्कि खुद प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में हो रहा है। काशी के पार्षदों और आम नागरिकों ने बताया कि मोदी किट के नाम से राहत सामाग्री भाजपा कार्यकर्ता उसी को दे रहे हैं जो भाजपा से जुड़ा हुआ है, भाजपा का वोटर है या चुनाव में पार्टी का सहयोग किया है इसके अलावा किसी गरीब या जरूरतमंद को यह किट नहीं दिया जा रहा है। एक तरह से देखा जाए तो इस राहत सामाग्री के बहाने कार्यकर्ता ओछी राजनीति पर उतारु हैं।

भाजपा कार्यकर्तायों के इस दोहरी नीति में जनता में काफी असंतोष फैल रहा है। लोगों का कहना है कि इस राष्ट्रीय आपदा में दलगत स्वार्थ से ऊपर उठकर भाजपा को सबकी मदद करनी चाहिए पर वह इस संकट में राजनीतिक रोटियां सेंकना चाहती है। जो प्रधानमंत्री सबका साथ, सबका विकास के संकल्प के साथ कार्य कर रहा हो उसी के संसदीय क्षेत्र में जनता के साथ इस तरह को सौतेला व्यवहार बेहद शर्मनाक है।

क्या-क्या है मोदी किट में:
2 लीटर तेल, 2 किलों चावल, 1 किलो दाल, 1 किलो चिनी, 200 ग्राम लाल मिर्च, हल्दी, सरसो, धनिया, 250 ग्राम चाय, 1 किलो नमक, 500ग्राम चना, 4 कपड़े के साबुन, 1 नहाने का साबुन, 5 किलो आटा और 5 पॉकेट बिस्टिक 

नगर निगम वाराणसी कार्यकारिणी समिति के सदस्य एवं पार्षद अजीत सिंह कहते हैं कि कोरोना संकट से प्रभावित लोगों की मदद के लिए भाजपा ने मोदी किट के नाम से जरूरत मंद लोगों तक आवश्यक खाद्य सामाग्री पहुचाने की जो पहल की है वह नि:संदेह काबिल-ए-तारीफ है। लेकिन इस महान कार्य में भाजपा के तुच्छ मानसिकता वाले भ्रष्ट कार्यकर्ताओ ने पक्षपात करके इस नेक पहल की नियत को बद्नियत में तब्दील कर दिया।

उन्हने कहा कि प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र में भाजपा नेताओ की देख-रेख में बाटे जाने वाले मोदी किट को आम जनमानस की बजाय चुनाव में भाजपा के लिए काम करने वाले पोलिंग एजेंटो एवं घर घर से वोट निकलवाने वाले पन्ना प्रमुखों के बीच वितरित किया जा रहा है। जो कि निहायत शर्मनाक है। मुसीबत के वक्त में भाजपा नेताओ का यह कृत्य ‘समाजसेवा’ शब्द को भी कलंकित करने वाला है। पूरे शहर में मुस्लिम बाहुल्य ईलाकों को छोड़कर हिंदू बाहुल्य ईलाकों को प्रमुखता देकर बाटा जा रहा है मोदी किट ।


सीताराम केशरी (पार्षद) पूर्व महानगर अध्यक्ष, कांग्रेस वाराणसी महानगर:- 

मदद के नाम पर यदि भाजपा को ओछी राजनीति करनी ही है तो संकट के इस माहौल में कम से कम प्रधानमंत्री जी अपने संसदीय क्षेत्र के उतने लोगों की ही ईमानदारी से मदद कर दे जितने लोगों ने भाजपा को वोट दिया है। बूथ वाईज जिन इलाकों से वोट मिला है वही पर हर परिवार की मदद कर देते । निहायत घटिया स्तर पर उतर चुके है बनारस में भाजपा नेता।   

 

कमल पटेल, पार्षद, नरिया:-

मोदी कीट के वितरण में भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा जनता के साथ दोहरा व्यवहार किया जा रहा है। जो भाजपा के सपोर्टर हैं या जो भाजपा के कार्यकर्ता हैं उन्हीं के घरों में यह कीट बांटा जा रहा है। मेरो वॉर्ड में भी ऐसा हुआ है। संकट के इस घड़ी में सभी लोग परेशान हैं, ऐसे में प्रधानमंत्री द्वारा जारी इस किट ​​​​​​ को सभी जरूरतमंदों में सामान रूप से वितरित किया जाना चाहिए पर इसे बांटने वाले भाजपा कार्यकर्ता चेहरा पहचान कर ही उसे यह किट ​​दे रहे हैं।


गोपाल यादव, पार्षद जंगमबाड़ी:-

भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा केवल भाजपा के वॉर्डों में ही भाजपा के लोगों को मोदी किट बांटा जा रहा है। मेरे वॉर्ड में अभी तक किसी को यह किट नहीं मिला जबकि बगल के भाजपा पार्षद के वॉर्ड में यह बांटा गया है। हमें लग रहा है कि या तो कार्यकर्ताओं द्वारा प्रधानमंत्री जी को गलत सूचना दी जा रही है या जानबूझकर ऐसा किया जा रहा है। जो भी अपने सांसद और देश के प्रधानमंत्री द्वारा जारी राहत सामाग्री में वितरण के दोहरेपन नीति से बनारस की जनता काफी निराश है।

 

वरुण सिंह, पूर्व पार्षद:-

यदि कोई मोदी किट बांटे, कोई अखिलेश किट बांटे, कोई सोनिया किट बांटे, कोई मायावती किट बांटे तब तो यही हुआ कि हम कोरोना का राजनीतिक लाभ लेना चाहते हैं। कोरोना को राजनीतिक रंग न देकर इसको सेवा का रंग देना चाहिए। अच्छा तो यह होता कि मोदी किट से अच्छा उसे प्रधानमंत्री राहत किट कहा जाता। प्रधानमंत्री पूरे देश के हैं पर मोदी किट कहने से यह लगता है कि यह दल विशेष का मामला है।