दुस्साहस: ये हैं वो हथियार जिनसे चीनी सैनिकों ने किया था कर्नल बाबू और भारतीय जवानों पर हमला

दुस्साहस: ये हैं वो हथियार जिनसे चीनी सैनिकों ने किया था कर्नल बाबू और भारतीय जवानों पर हमला

नई दिल्‍ली: 15 जून की रात लाइन ऑफ एक्‍चुअल कंट्रोल (एलएसी) पर गलवान घाटी में चीनी सैनिकों के हमले ने भारत और चीन के संबंधों को अंधकार में धकेल दिया है। सोमवार को को जब दोनों देशों की सेनाओं के बीच डिस-इंगेजमेंट प्रक्रिया जारी थी, उसी समय चीनी सेना ने अचानक 16 बिहार रेजीमेंट की टीम पर हमला बोल दिया था। अब उन हथियारों की तस्‍वीर सामने आई है जिसका प्रयोग चीनी सेना ने भारतीय जवानों पर हमले के लिए किया था। यकीन मानिए इसे देखकर आप उस भयावहता का अंदाजा लगा सकते हैं, जिससे हमारे सैनिक गुजरे हैं। 

अचानक बोला डंडों से हमला:

सोमवार रात करीब 11:30 बजे चीनी सैनिक अचानक हिंसक हो गए थे। कर्नल बाबू ने उसी शाम चीनी कर्नल के साथ मीटिंग की थी। सूत्रों के मुताबिक कर्नल बाबू पर चीनी सैनिकों ने लोहे की छड़ और पत्‍थरों से हमला किया था। इसके अलावा उन पर कांटों की तार वाले वाले डंडों से भी हमला किया गया था। इसके बाद कई घंटों तक जवान निहत्‍थे लड़ते रहे। गलवान घाटी में एक संकरी पहाड़ी पर मीटिंग हो रही थी उस समय अचानक हमले शुरू हो गए। चीनी सैनिकों ने कील लगे डंडों से भारतीय जवानों को पीटना शुरू कर दिया था। इसी तरह का हथियार लद्दाख में 18-19 मई को भी चीनी सैनिकों ने टकराव के दौरान प्रयोग किया था। लद्दाख में 20 सैनिक शहीद हुए हैं और चीनी जवानों ने हमलों के समय उनके शवों के साथ छेड़छाड़ की थी। 

लद्दाख में तैनात जवानों भारी गुस्‍सा:

भारतीय अधिकारियों की तरफ से कहा गया है कि दोनों तरफ से इस हिंसक प्रदर्शन में एक भी गोली नहीं चली है। क्षत-विक्षत शवों की वजह से गलवान में भारतीय सेना की यूनिट और लद्दाख के दूसरे हिस्‍सों में तैनात जवान और ज्‍यादा गुस्‍से में आ गए हैं। बताया जा रहा है कि संघर्ष में चीन के भी 43 जवान मारे गए हैं। गुरुवार को भी भारत और चीन के बीच तनाव को कम करने के लिए मेजर-जनरल स्‍तर की वार्ता हुई है। यह वार्ता बुधवार को बेनतीजा खत्‍म हुई वार्ता के आगे का हिस्‍सा है। चीनी जवानों ने कुछ भारतीय जवानों को पहाड़ की चोटी से नीचे भी फेंक दिया है। बताया जा रहा है कि हिंसक टकराव करीब तीन घंटे तक जारी रहा। 

सेनाएं हाई अलर्ट पर, एक्‍शन के लिए आजाद:

सूत्रों की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक इस घटना के बाद इंडियन आर्मी, एयरफोर्स और यहां तक कि नेवी भी हाई अलर्ट पर है। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीन को आगाह किया है कि भारत किसी भी तरह का जवाब देने में सक्षम है, स्थि‍तियां चाहे जैसी हों। रविवार यानी 14 जून को भी कुछ जगहों पर पत्‍थरबाजी चीन की तरफ से हुई थी। भारतीय सेना की पेट्रोल टीम सोमवार को चीनी पक्ष के साथ बातचीत कर रही थी। इस टीम को कर्नल संतोष बाबू लीड कर रहे थे और यह 16 बिहार रेजीमेंट की टीम थी। चीनी सेना ने पीछे हटने से मना कर दिया और जानकर हालातों को जटिल कर दिया। 

पीएम मोदी ने दी चेतावनी:

पीएम मोदी ने दी चीन को चेतावनी पीएम मोदी ने बुधवार को देश को भरोसा दिलाया है कि 20 सैनिकों की शहादत व्‍यर्थ नहीं जाएगी। उन्‍होंने कहा, 'हमारे लिए देश की एकता और संप्रभुता सबसे अहम है। भारत शांति चाहता है लेकिन अगर उसे उकसाया गया तो फिर वह इसका सही जवाब देने की क्षमता भी रखता है।' पीएम मोदी ने आगे कहा, 'जब कभी भी समय आया है, हमनें देश की संप्रभुता और अखंडता को सुरक्षित करने के लिए क्षमताओं और शक्तियों को साबित किया है। बलिदान और संयम हमारा चरित्र है लेकिन वीरता और हिम्‍मत हमारे देश का चरित्र है।'