कोरोना पर अमिताभ बच्चन ने फैलाई अफवाह, क्यों नहीं हो रही कानूनी कार्रवाई?

कोरोना पर अमिताभ बच्चन ने फैलाई अफवाह, क्यों नहीं हो रही कानूनी कार्रवाई?

अभिताभ बच्चन ने बताया था मख्खी से भी फैलता है कोरोना
प्रधानमंत्री ने भी अभिताभ के ट्वीट को किया था रिट्वीट
स्वास्थ्य विभाग ने बताया अफवाह, कहा, मख्खी से नहीं फैलता कोरोना

नई दिल्ली: सदी के महानायक कहे जाने वाले अभिताभ बच्चन ने कोरोना को लेकर एक बड़ा अफवाह फैलाया है। जिसकी पुष्टि गुरुवार को स्वास्थ्य मंत्रालय के बयान के बाद हुई। इस तरह के अफवाह पर राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण अधिनियम के तहत कार्रवाई होती है और व्यक्ति को एक साल की जेल भी होती है पर अमिताभ बच्चन पर ऐसी कोई कानूनी कार्रवाई न होना हमारे संविधान पर प्रश्न चिह्न खड़ा करता है जिसमें आम और खास सभी के लिए एक कानूनी प्रावधान है। अमिताभ बच्चन ने कोरोना को लेकर बड़ा अफवाह फैलाने का काम किया है जिसे नेशनल मीडिया ने भी चलाया था देश के लाखों लोग इस अफवाह को सच मानकर डरे हुए हैं। 

दरअसल अभिताभ बच्चन ने एक वीडियो जारी किया था जिसमें उन्होंने कहा कि ‘चीन के विशेषज्ञों ने पाया है कि कोरोना वायरस मानव मल में कई हफ्तों तक जिंदा रह सकता है। कोरोना वायरस का मरीज अगर पूरी तरह ठीक भी हो जाए तब भी कुछ हफ्तों तक उसके मल में कोरोना वायरस जिंदा रह सकता है। यदि ऐसे किसी व्यक्ति के मल पर कोई मख्खी बैठ जाए या वो मख्खी फल, सब्जियां या खाने पर बैठ जाए तो यह बीमारी और फैल सकती है। इसलिए यह आवश्यक और महत्वपूर्ण भी है कि हम सब कोरानो वायरस से लड़ने के लिए एक जनआंदोलन बनाएं जैसे स्वच्छ भारत अभियान चलाया गया था।’ अभिताभ बच्चन के इस ट्वीट को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ट्वीटर पर रिट्वीट भी किया था। पर गुरुवार को हुई प्रेस वार्ता  में स्वास्थ्य मंत्रालय ने इसका खंडन किया और स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने कहा कि कोरोना मख्खी से नहीं फैलता। 

पीएम ने बिना सोचे समझे क्यों किया रिट्वीट:

इस मामले के बाद जो सबसे बड़ा सवाल उठता है वह यह कि अमिताभ बच्चन ने तो अफवाह फैलाया ही उसके साथ देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भला बिना सोचे समझे कैसे उस ट्वीट को रिट्वीट कर दिया। प्रधानमंत्री देश के प्रधान है उनकी हर बात, आदेश, सुझाव जनता सर माथे पर रखती है ऐसे में पीएम द्वारा भी इस अफवाह की सपोर्ट करना कई लोगों को भ्रमित कर रहा है। कई लोग तो अब भी मानने को तैयार नहीं कि प्रधानमंत्री गलत हैं। लोगों का कहना है कि भला प्रधानमंत्री बिना सोचे समझे कैसे अफवाह का सपोर्ट कर सकते हैं। उनके पास विशेषज्ञों की टीम है। जो हर बात उन्हें बताती है। उसके बाद भी इतनी बड़ी गलती कैसे हो गई। बहरहाल जनता अब भी असमंजस की स्थिति में हैं कि वह स्वास्थ्य मंत्रालय की बात माने या अभिताभ बच्चन या प्रधानमंत्री का। ऐसे में बेहतर यही होगा कि इस विषय में दोबार पीएम और अमिताभ बच्चन सही बात लोगों को बताएं और जनता की शंका दूर करें।

अफवाह पर एक साल के जेल का प्रावधान:

सरकार ने पहले ही कहा था कि  जो लोग कोरोना वायरस को लेकर सोशल मीडिया पर गलत जानकारियां फैला रहे हैं और डर का माहौल बना रहे हैं, उन्हें राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण अधिनियम के तहत सजा मिलेगी। इस अधिनियम के तहत एक साल तक की सजा और जुर्माना हो सकता है। इस अधिनियम की धारा 54 में कहा गया है, कि जो कोई आपदा या इसकी गंभीरता या परिणाम को लेकर गलत जानकारी फैला रहा है, वह दोषी पाए जाने पर दंडित किया जा सकता है। उसे एक साल तक की जेल या जुर्माने के साथ एक साल की जेल हो सकती है।