अमेरिका ने बदला अपना रुख, कुछ दिन फॉलो करने के बाद ट्विटर पर पीएम मोदी को किया अनफॉलो

अमेरिका ने बदला अपना रुख, कुछ दिन फॉलो करने के बाद ट्विटर पर पीएम मोदी को किया अनफॉलो

नई दिल्ली: भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अमेरिका के राष्‍ट्रपति के ऑफिस The White House ने ट्विटर पर अनफॉलो कर दिया है। व्हाइट हाउस ने 10 अप्रैल 2020 को अपने अधिकारिक ट्विटर हैंडल से भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO INDIA), राष्ट्रपति भवन, अमेरिका में भारतीय दूतावास और भारत में अमेरिकी दूतावास को फॉलो किया था। इनके अलावा भारत में अमेरिका के राजदूत केन जस्टर को भी फॉलो किया गया था। अब सबको व्हाइट हाउस ने अचानक से अनफॉलो कर दिया है। हालांकि इसके पीछे क्या वजह है ये अभी सामने नहीं आ पाया है। 

अमेरिका अन्य किसी देशों या उसके राष्ट्राध्यक्षों के ट्विटर हैंडल को फॉलो नहीं करता है। भारत के ट्विटर हैंडल को फॉलो करने के बाद अमेरिका ने अपने रुख में बदलाव किए हैं। फिलहाल अमेरिका किसी भी बाहरी के ट्विटर हैंडल को फॉलो नहीं करता है। 

हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन की मदद के बाद किया था फॉलो:

अमेरिका के राष्ट्रपति ऑफिस The White House  ने यह कदम भारत द्वारा मलेरिया की दवा (हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन HCQ) की मदद के बाद उठाया था। मलेरिया की दवा कोरोना वायरस के इलाज में  कारगर माना जा रहा है। जिसकी वजह से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फोन कर पीएम नरेंद्र मोदी से ये दवाई की मांगी थी। भारत ने इसके बाद अमेरिका, इजराइल, ब्राजिल सहित कई देशों को हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन का निर्यात किया है।  भारत ने इस दवाई पर लगी बैन को हटाकर निर्यात शुरू किया था। मार्च में भारत ने हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन पर बैन लगाया था। 

दावा मिलने के बाद पीएम मोदी को दिया था धन्यवाद:

डोनाल्ड ट्रंप ने कोरोना वायरस पर अपने नियमित व्हाइट हाउस संवाददाता सम्मेलन में कहा था, ‘हमने जिस चीज के लिए उनसे (पीएम मोदी) अनुरोध किया था उसे देने की मंजूरी देने के लिए मैं भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का शुक्रिया अदा करना चाहता हूं और वह बहुत शानदार शख्स हैं। हम इसे याद रखेंगे।’’ इससे पहले ट्वीट कर ट्रंप ने मोदी की उनके मजबूत नेतृत्व के लिए प्रशंसा की और कहा कि संकट के दौरान भारत की मदद को भुलाया नहीं जाएगा। 

उन्होंने कहा था, ‘असाधारण वक्त में दोस्तों के बीच करीबी सहयोग की आवश्यकता होती है। एचसीक्यू पर फैसले के लिए भारत और भारतीय लोगों का शुक्रिया। इसे भुलाया नहीं जाएगा।’