कमलेश तिवारी का गला रेतकर वीडियो वायरल करने का था आरोपियों को प्लान, हुए कई खुलासे

कमलेश तिवारी का गला रेतकर वीडियो वायरल करने का था आरोपियों को प्लान, हुए कई खुलासे

लखनऊ। हिंदू समाज पार्टी के नेता कमलेश तिवारी की हत्या के सिलसिले में पकड़े गये दो आरोपी सूरत निवासी अशफाक शेख (34) और मोइनुद्दीन पठान (27) के गिरफ्तारी के बाद से आए दिन नए खुलासे हो रहे हैं। करीब छह घंटे की पूछताछ में पता चला है कि दोनों ने दावा किया है कि वह कमलेश तिवारी का गला काटकर धड़ से अलग करना था। फिर इसे हाथ में लेकर वीडियो बनाकर वायरल करने का प्लान था। आरोपियों ने बताया कि ऐसा वह इसलिए करना चाहते थे ताकी वह बाकी लोगों को चेतावनी दे सके कोई भी मुस्लिम समुदाय के खिलाफ कोई टिप्पणी ना करे। लेकिन जल्दबाजी और घायल हो जाने के बाद वह तिवारी की हत्या करके चले गए।  

हत्या करने के पहले दरगाह में की इबादत 
पूछताछ में आरोपियों ने यह भी बताया कि 18 अक्तूबर की सुबह 10:38 मिनट पर दोनों भगवा कपड़े में खुर्शेदबाग जा रहे थे। रास्ते में दरगाह देखकर इबादत करने के लिए रूक गए थे। फिर उन्होंने एक महिला से कमलेश तिवारी के घर का पता पूछा था। इस महिला ने भगवा कपड़े देखकर कहा था कि चलो, मेरे साथ चुनाव का प्रचार करो। महिला ने खुद को अल्पसंख्यक मोर्चा का पदाधिकारी बताया था।

आरोपी अशफाक ने बताया कि जब वे लोग कमलेश तिवारी के घर पहुंचे तो नीचे दफ्तर में उनका सुरक्षाकर्मी सो रहा था। नीचे कोई नहीं था। वह चीढ़ी चढ़ने लगे, तभी ऊपर से कर्मचारी सौराष्ट्र आ गया। उससे कमलेश ने पहले ही बता रखा था कोई आने वाला है। लिहाजा वह ऊपर बेरोकटोक चले गए। यहां उन्हें दफ्तर नुमा एक कमरे में बैठा दिया गया। इसके बाद हम उनसे मिले और घटना को अंजाम दिया। 

कमलेश तिवारी की कैसे की गई हत्या
18 अक्टूबर 2019 को लखनऊ में हिंदू महासभा के नेता कमलेश तिवारी की गला रेतकर और गोली मारकर न‍िर्मम तरीके से हत्या कर दी गई थी। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक खुर्शीद बाग स्थित ऑफिस में दो लोग कमलेश तिवारी से मिलने आए थे। इन दोनों के हाथ में मिठाई का डिब्बा था। जिसमें हथियार थे। दोनों ने कमलेश तिवारी से मुलाकात की। बातचीत के दौरान दोनों बदमाशों ने कमलेश के साथ चाय भी पी। इसके बाद उनका गला रेता गया और फिर गोली मारकर बदमाश फरार हो गए। जिसके बाद आनन-फानन में कमलेश तिवारी को अस्पताल ट्रामा सेंटर में भर्ती करवाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया