10 हजार जवान, 150 कैमरे, ड्रोन के हवाले गणतंत्र दिवस की सुरक्षा

10 हजार जवान, 150 कैमरे, ड्रोन के हवाले गणतंत्र दिवस की सुरक्षा

नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी में गणतंत्र दिवस के पहले 10,000 सुरक्षा कर्मियों की तैनाती के साथ ही दिल्ली पुलिस सुरक्षा के चाक चौबंद उपाय करने के लिए इस बार चेहरा पहचानने वाले सिस्टम और ड्रोन की भी सहायता ले रही है। डीसीपी (नयी दिल्ली जोन) ईश सिंघल ने बताया कि ब्राजील के राष्ट्रपति जेयर बोलसोनारो गणतंत्र दिवस परेड पर मुख्य अतिथि होंगे और अतिथियों के लिए सुरक्षा के खास बंदोबस्त किए गए हैं।

अधिकारियों ने बताया कि राजपथ से लाल किला तक परेड मार्ग पर निगरानी रखने के लिए बहुमंजिला इमारतों पर शार्पशूटर और स्नाइपर तैनात रहेंगे।  लाल किला, चांदनी चौक और यमुना खादर वाले इलाकों में कम से 150 कैमरों सहित सुरक्षा व्यवस्था के तहत सैकड़ों सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जा रहे हैं। 

उन्होंने कहा, चार स्तरीय सुरक्षा इंतजाम हैं। राष्ट्रीय राजधानी के भीतरी, मध्य, बाहरी और सीमावर्ती क्षेत्र में यह व्यवस्था होगी। उन्होंने बताया कि अर्द्धसैन्य बल की 50 कंपनियों के साथ नयी दिल्ली जिले में 5000 से 6000 कर्मियों की तैनाती होगी। होटलों, टैक्सी और ऑटो वालों को भी सतर्क रहने को कहा गया है। विभिन्न जगहों पर गश्त भी बढ़ा दी गयी है।  सुरक्षा कर्मियों ने व्यस्त बाजारों, रेलवे स्टेशनों, बस स्टैंड और अन्य जगहों की पहचान की है, वहां पर अतिरिक्त पुलिस बल की व्यवस्था की जा रही है । 

दिल्ली पुलिस मुख्यालय के मुताबिक, “इस बार 48 कंपनी केंद्रीय अर्धसैनिक बल गणतंत्र दिवस के मौके पर राजधानी दिल्ली के चप्पे-चप्पे पर तैनात रहेंगे। इसके लिए सबंधित विभागों से भी लिखित स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है, जबकि दिल्ली पुलिस के 22 हजार जवान गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान और उससे पूर्व यानी शनिवार दोपहर बाद से ही तैनात कर दिए जाएंगे।”

दिल्ली पुलिस मुख्यालय द्वारा तमाम विशेष आयुक्तों (कानून एवं व्यवस्था), परिक्षेत्रों के संयुक्त आयुक्तों, जिलों के डीसीपी को भी बेहद सतर्क रहने की हिदायत दे दी गई है। पुलिस आयुक्त ने बेहद सख्त लहजे में आला-अफसरों को समझा दिया है कि कहीं भी आपसी सामंजस्य में कमी आई तो इसका इस्तेमाल विध्वंसकारी ताकतें करने से बाज नहीं आएंगी।

चेहरा पहचानने वाली मशीनें भी लगाई गई:
चेहरा पहचानने वाले मशीनों को भी लगाया गया है। इसमें किसी संदिग्ध अथवा आतंकवादी का चेहरा आते ही अलार्म बजने लगेगा। उन्होंने कहा कि संदिग्ध लोगों का डाटा इस मशीन में डाला गया है और उसी के आधार पर चेहरे की पहचान की जाती है। उन्होंने कहा कि इस मशीन ने कल एक व्यक्ति को संदिग्ध मानकर अलार्म बजा दिया था और इसके बाद उससे पूछताछ की गयी लेकिन बाद में पता चला कि वह संदिग्ध नहीं था जिसके  बाद उसे छोड़ दिया गया।

चलते-फिरते मोबाइल कंट्रोल रूम:
गणतंत्र दिवस परेड के दौरान जो भी स्थान और इमारतें संवेदनशील मानी गई हैं, वहां दिल्ली पुलिस के ब्लैककैट कमांडो तैनात किए जाएंगे। परेड के बाद राष्ट्रपति भवन में आयोजित 'एटहोम' तक सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम बने रहेंगे। दिल्ली की सीमाओं पर चौकसी की रणनीति भी संबंधित राज्यों की पुलिस के साथ बनाई जा चुकी है। आपात स्थिति में संचार की मदद के लिए चलते-फिरते 'मोबाइल-कंट्रोल-रूम' भी बनाए गए हैं। इन विशेष किस्म के मोबाइल कंट्रोल-रूम के खुफिया कॉल-साइन भी निधार्िरत कर दिए गए हैं, जो आपात स्थिति में सिर्फ दिल्ली पुलिस ही सुन व समझ पाएगी।