गुरुवार ,21-जून -19

निजी बस ऑपरेटर व रोडवेज कर्मी भिड़े, चक्काजाम



निजी बस ऑपरेटर व रोडवेज कर्मी भिड़े, चक्काजाम निजी बस ऑपरेटर व रोडवेज कर्मी भिड़े, चक्काजाम निजी बस ऑपरेटर व रोडवेज कर्मी भिड़े, चक्काजाम निजी बस ऑपरेटर व रोडवेज कर्मी भिड़े, चक्काजाम निजी बस ऑपरेटर व रोडवेज कर्मी भिड़े, चक्काजाम निजी बस ऑपरेटर व रोडवेज कर्मी भिड़े, चक्काजाम

वाराणसी (रणभेरी)। रोडवेज बस अड्डे के पास वाहनों की जांच के दौरान गुरुवार की दोपहर प्राइवेट बस ऑपरेटर और रोडवेज कर्मचारियों में जमकर मारपीट हुई। पुलिस का सहयोग नहीं मिलने से आक्रोशित कर्मियों ने रोडवेज बसों के पहिए रोक दिए और कैंट-अंधरापुल मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। इससे इस मार्ग पर आवागमन पूरी तरह से ठप हो गया और वाहनों की लम्बी कतार लग गई। मौके पर पहुंची क्षेत्राधिकारी चेतगंज अंकिता सिंह ने कर्मचारियों को समझाकर जाम खत्म कराया।


कैंट रोडवेज बस स्टैंड से डग्गामार वाहन चलने की शिकायत पर परिवहन विभाग और रोडवेज की ओर से संयुक्त अभियान चल रहा था। जांच के दौरान टीम ने तीन प्राइवेट बसों को पकड़कर सीज कर दिया। इस बीच, वहां से गुजर रही चौथी बस को रोकने का प्रयास हुआ तो बस ऑपरेटर रोडवेज कर्मचारियों से उलझ गए।

दोनों पक्षो में जमकर नोकझोंक हुई। मौका देख चालक बस लेकर भाग निकला। इसके बाद रोडवेज कर्मचारियों का आक्रोश बढ़ गया। इधर, हंगामे की जानकारी होने पर पहुंची सिगरा पुलिस ने हालात सम्हालने के लिए दोनों पक्ष से एक-एक लोगों को पकड़ लिया।

कर्मचारी की गिरफ्तारी की खबर की जानकारी होते ही रोडवेज कर्मचारी संगठन मुखर हो गए। पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कर्मचारियों ने रोडवेज बसों का संचालन रोक दिया और कार्यालय का कामकाज ठप कर सड़क पर उतर आए। रोडवेज कर्मियों ने कैंट-अंधरापुल मार्ग पर जाम लगा दिया। जिससे कड़ी धूप में जाम में फंसे वाहन सवार बिलबिला उठे। मौके पर पहुंची क्षेत्राधिकारी अंकिता सिंह ने कर्मचारियों की मान-मनौव्वल कर जाम खत्म कराया। इसके बाद वाहन रेंगते हुए आगे बढ़े। मौके पर एडीएम सिटी विनय सिंह, एसपी सिटी दिनेश सिंह, एसीएम (तृतीय) समेत अन्य पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने कर्मचारियों से बातचीत की। इस दौरान डिप्टी ट्रांसपोर्ट कमिश्नर और रोडवेज क्षेत्रीय प्रबंधक भी उपस्थित थे। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि एआरटीओ और पुलिस की शह पर प्राइवेट बस ऑपरेटर मनमानी करते हैं। इससे रोडवेज को रोज लाखों का चूना लगता है।




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