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वापसी की तैयारी में...मुस्तैद मायावती


Sunday, March 20, 2016

राज्यसभा में कहा-‘कांशीराम को दिया जाए भारत रत्न’


पंजाब में गरजी- ‘बनिया के मुखिया हैं केजरीवाल-दलितों के नहीं ’


     उत्तर प्रदेश की सत्ता में वापसी की खातिर बेचैन बसपा सुप्रीमों मायावती इन दिनों एक नयी पारी खेलने के मूड में मुस्तैद देखी जा रही हैं, बात चाहे राजनैतिक गुरु कांशीराम के सम्मान की हो या दलितों के अधिकार की, किसी भी मुद्दे पर मायावती कोई मौका छोड़ना नहीं चाहती, सोशल इंजीनियरिंग की माहिर खिलाड़ी मानी जाने वाली बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती जहाँ एक ओर राज्यसभा में कांशीराम को भारत रत्न देने की मांग करके एक बार फिर कांशीराम प्रेमियों का दिल जीतने की कोशिश करते देखी गयी वहीं दूसरी ओर पंजाब में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल पर हमलावर होते हुए स्वयं को ही एकमात्र दलितों का मसीहा साबित करने की कोशिश करती देखी गयी, इसी बीच एक निजी समाचार चैनल और सर्वे एजेंसी नीलसन की रिपोर्ट ने यू.पी. में मायावती को सबसे मजबूत बताकर बहुजन समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं को संजीवनी देने का काम किया है। अब देखना यह होगा कि उत्तर प्रदेश की चुनावी बिसात पर अखिलेश, अरविन्द और अमित शाह की रणनीति को मात देने के लिए मायावती कौन-कौन सी दांव चलती है।

      विगत दिनों बसपा के संस्थापक रहे कांशीराम की ८२वीं जयंती पर मायावती ने राज्यसभा में कहा, ‘कांग्रेस, बीजेपी और दूसरी पार्टियां अंबेडकर और कांशीराम की जयंती सिर्फ वोट की खातिर मनाती हैं’ उन्होंने आरएसएस पर निशाना साधते हुए कहा कि एक ओर जयंती मनाने की बात करता है तो दूसरी ओर आरक्षण के खिलाफ भी है आरएसएस हमेशा आरक्षण को बदलने की कोशिश कर रहा है।

      उन्होंने कांशीराम को लेकर छपे दिल्ली सरकार के विज्ञापन पर भी सवाल उठाया और कहा कि ये सब पार्टियां दलितों के लिए कुछ नहीं कर रही हैं सिर्फ वोट की राजनीति कर रही हैं उन्होंने कहा कि कांशीराम को भारत रत्न दिया जाए उन्होंने कहा कि आज जो भी पॉलिटिकल पार्टीज कांशीराम की बात करती हैं, वही उनकी आइडियोलॉजी की विरोधी हैं मायावती ने कहा कि पॉलिटिकल पार्टीज रिजर्वेशन का विरोध कर रही हैं। जो लोग दलितों के विकास विरोधी है वही सियासी फायदे के लिए अंबेडकर और कांशीराम की जयंती मना रहे है।

      पंजाब दौरे पर पहुची बसपा सुप्रीमो व यूपी की पूर्व मुख्यमंत्री ने दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल पर बड़ा हमला बोला। रोपड़ में स्व० कांशीराम के परिवार से दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल के मिलने पर मायावती ने कहा कि जो लोग साहिब कांशीराम की सोच पर नहीं चले, उनसे केजरीवाल मिलकर क्या दर्शाना चाहते हैं।

      उन्होंने केजरीवाल को बनिया समाज का प्रमुख बताते हुए कहा कि केजरीवाल कभी भी दलित वर्ग का भला नहीं करने वाले। सत्ता में आने से पहले केजरीवाल आरक्षण का विरोध करते रहे हैं। नवांशहर में आयोजित रैली में मायावती ने स्पष्ट किया कि पंजाब के विधानसभा चुनाव में बसपा अपने दम पर चुनाव लड़ेगी। बसपा किसी के साथ समझौता नहीं करेगी। करीब सवा घंटे के भाषण में मायावती ने मोदी सरकार, कांग्रेस व आम आदमी पार्टी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पंजाब में दलितों का काफी ज्यादा वोट बैंक है। इसी वोट बैंक को एकजुट करके बसपा की ओर से प्रदेश में सरकार बनाई जाएगी।