शुक्रवार ,28-जून -19

तो धोखेबाज है एल वन कोचिंग का संचालक!



तो धोखेबाज है एल वन कोचिंग का संचालक!

  • धर्मेंद्र सिंह पर धोखाधड़ी सहित कई मुकदमे हैं दर्ज
  • जमीन का पैसा लेकर जमीन की रजिस्ट्री न करने का आरोप
  • वह क्या देगा शिक्षा, जिसने धोखेबाजी में ली हो दीक्षा


वाराणसी। वैसे तो धोखेबाज और ठगों का गिरोह हर जगह फैला हुआ है, जो लोगों को ठगने के लिए तरह-तरह के हथकंडे आजमाते हैं। मगर बनारस में जमीन देने दिलाने के नाम पर ठगी का धंधा जोरों पर है,फ्राडगिरि का यह आलम है कि जमीन के खरीददारों से धोखेबाज किस्म के लोग पैसा तो पूरा ले लेते हैं,मगर जमीन की रजिस्ट्री नहीं करते।
और ऐसे लोग दिखावे के लिए समाज में व्हाइट कालर वाले भी बने रहते हैं। ऐसे ही एक धोखेबाज का मामला संज्ञान में आया है जो वैसे तो कोचिंग संचालक है मगर जमीन बेचने के नाम पर कुछ लोगों से करोड़ों रुपये ले लेता है,मगर जब जमीन के रजिस्ट्री की बारी आती है तो वह जमीन की रजिस्ट्री से इंकार कर देता है यही नहीं वह पैसा मांगने पर उन्हें जान से मारने की धमकी भी देता है और वह शख्स कोई और नहीं जिले के दुगार्कुंड क्षेत्र में एल वन कोचिंग का संचालक धर्मेंद्र सिंह है,और यह हम नहीं कह रहे हैं, थाना भेलूपुर में धर्मेंद्र के खिलाफ दर्ज मुकदमे कह रहे हैं। भेलूपुर थाने में दर्ज मुकदमे के मुताबिक भेलूपुर सरायनन्दन निवासी जितेंद्र यादव ने वीरेंद्र और धर्मेंद्र सिंह के खिलाफ तहरीर देकर धोखाधड़ी सहित कई धारा 420,467,468,504,506,406, आईपीसी में मुकदमा दर्ज कराया है। एफआईआर में दर्ज विवरण के अनुसार 2017 में एल वन कोचिंग के संचालक धर्मेंद्र सिंह जो कि ओम शिवम इंफ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड कम्पनी के निदेशक भी हैं उन्हें जितेंद्र यादव ने राधिका साउथ सिटी में प्लाट खरीदने के लिए पैसा निवेश कराया था,मगर महीनों बीत जाने के बाद धर्मेंद्र सिंह वगैरह ने न तो प्लॉट की रजिस्ट्री की न ही पैसा वापस किया जब जितेंद्र यादव ने अपना पैसा मांगा तो वीरेंद्र धर्मेंद्र सिंह ने चार पांच अज्ञात लोगों के साथ जितेंद्र यादव को रास्ते में रोककर जान से मारने की धमकी दी,जिससे भयभीत हो और पैसे की वापसी के लिए जितेंद्र यादव वगेरह ने भेलूपुर थाना मुकदमा दर्ज कराया। सवाल यह है कि शिक्षा जैसे पवित्र पेशे में रहकर और एल वन कोचिंग शिक्षण संस्थान चलाने धर्मेंद्र सिंह पर जब खुद धोखाधड़ी कूटरचना जान से मारने की धमकी गाली गलौज में शामिल होने का आरोप हो वह कोचिंग में पढ़ने आये छात्रों को क्या शिक्षा और सीख देगा। कहा जाता है कि बबुल के पेड़ के नीचे रहने वाले लोगों को कांटे मिलेंगे और आम के पेड़ की नीचे रहने वालों को आम। अब यह तय तो जनता और एल वन कोचिंग के छात्र समझें कि धर्मेंद्र सिंह बबुल के पेड़ हैं या आम। गाहे बगाहे धर्मेंद्र सिंह कोचिंग में पुरस्कार वितरण का कार्यक्रम भी करते रहते हैं,मगर जब उन छात्रों को यह पता चले कि उन्हें पुरस्कार एक धोखाधड़ी के आरोपी के हाथों मिल रहा है,तो कहीं न कहीं उसका मनोबल गिरेगा, फिलहाल जो भी हो मगर देखा जाय तो आजकल कुछ लोग जमीन बेचने की बात कर चन्द रुपयों के चक्कर में जमीर बेच दे रहे हैं।
फोटो-एल वन के नाम से सेव है। फोटो कैप्शन-एल वन कोचिंग के निदेशक धर्मेंद्र सिंह (धोखेबाज )सम्मानित होते हुए छात्र के ऊपर क्या बीतती होगी जब उसे पता चलता होगा कि उसके निदेशक के ऊपर चार सौ बीसी का केस चल रहा है।..तो धोखेबाज है एल वन कोचिंग का संचालक! -धर्मेंद्र सिंह पर धोखाधड़ी सहित कई मुकदमे हैं दर्ज -जमीन का पैसा लेकर जमीन की रजिस्ट्री न करने का आरोप -वह क्या देगा शिक्षा, जिसने धोखेबाजी में ली हो दीक्षा

वाराणसी। वैसे तो धोखेबाज और ठगों का गिरोह हर जगह फैला हुआ है, जो लोगों को ठगने के लिए तरह-तरह के हथकंडे आजमाते हैं। मगर बनारस में जमीन देने दिलाने के नाम पर ठगी का धंधा जोरों पर है,फ्राडगिरि का यह आलम है कि जमीन के खरीददारों से धोखेबाज किस्म के लोग पैसा तो पूरा ले लेते हैं,मगर जमीन की रजिस्ट्री नहीं करते। और ऐसे लोग दिखावे के लिए समाज में व्हाइट कालर वाले भी बने रहते हैं। ऐसे ही एक धोखेबाज का मामला संज्ञान में आया है जो वैसे तो कोचिंग संचालक है मगर जमीन बेचने के नाम पर कुछ लोगों से करोड़ों रुपये ले लेता है,मगर जब जमीन के रजिस्ट्री की बारी आती है तो वह जमीन की रजिस्ट्री से इंकार कर देता है यही नहीं वह पैसा मांगने पर उन्हें जान से मारने की धमकी भी देता है और वह शख्स कोई और नहीं जिले के दुगार्कुंड क्षेत्र में एल वन कोचिंग का संचालक धर्मेंद्र सिंह है,और यह हम नहीं कह रहे हैं, थाना भेलूपुर में धर्मेंद्र के खिलाफ दर्ज मुकदमे कह रहे हैं। भेलूपुर थाने में दर्ज मुकदमे के मुताबिक भेलूपुर सरायनन्दन निवासी जितेंद्र यादव ने वीरेंद्र और धर्मेंद्र सिंह के खिलाफ तहरीर देकर धोखाधड़ी सहित कई धारा 420,467,468,504,506,406, आईपीसी में मुकदमा दर्ज कराया है।

एफआईआर में दर्ज विवरण के अनुसार 2017 में एल वन कोचिंग के संचालक धर्मेंद्र सिंह जो कि ओम शिवम इंफ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड कम्पनी के निदेशक भी हैं उन्हें जितेंद्र यादव ने राधिका साउथ सिटी में प्लाट खरीदने के लिए पैसा निवेश कराया था,मगर महीनों बीत जाने के बाद धर्मेंद्र सिंह वगैरह ने न तो प्लॉट की रजिस्ट्री की न ही पैसा वापस किया जब जितेंद्र यादव ने अपना पैसा मांगा तो वीरेंद्र धर्मेंद्र सिंह ने चार पांच अज्ञात लोगों के साथ जितेंद्र यादव को रास्ते में रोककर जान से मारने की धमकी दी,जिससे भयभीत हो और पैसे की वापसी के लिए जितेंद्र यादव वगेरह ने भेलूपुर थाना मुकदमा दर्ज कराया। सवाल यह है कि शिक्षा जैसे पवित्र पेशे में रहकर और एल वन कोचिंग शिक्षण संस्थान चलाने धर्मेंद्र सिंह पर जब खुद धोखाधड़ी कूटरचना जान से मारने की धमकी गाली गलौज में शामिल होने का आरोप हो वह कोचिंग में पढ़ने आये छात्रों को क्या शिक्षा और सीख देगा। कहा जाता है कि बबुल के पेड़ के नीचे रहने वाले लोगों को कांटे मिलेंगे और आम के पेड़ की नीचे रहने वालों को आम। अब यह तय तो जनता और एल वन कोचिंग के छात्र समझें कि धर्मेंद्र सिंह बबुल के पेड़ हैं या आम। गाहे बगाहे धर्मेंद्र सिंह कोचिंग में पुरस्कार वितरण का कार्यक्रम भी करते रहते हैं,मगर जब उन छात्रों को यह पता चले कि उन्हें पुरस्कार एक धोखाधड़ी के आरोपी के हाथों मिल रहा है,तो कहीं न कहीं उसका मनोबल गिरेगा, फिलहाल जो भी हो मगर देखा जाय तो आजकल कुछ लोग जमीन बेचने की बात कर चन्द रुपयों के चक्कर में जमीर बेच दे रहे हैं।


अमित मौर्या की रिपोर्ट

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