.
Sunday, March 27, 2016
अमर सिंह और जयाप्रदा पहुंचेंगे राज्यसभा

अमर सिंह की घर वापसी पर सपा सुप्रीमों का ठप्पा कहा-‘अमर सिंह को कभी दल से निकाला ही नही’

अमित शाह के हर चाल का माकूल जवाब देंगे अमर सिंह यू.पी. की चुनावी रणनीति के माहिर खिलाड़ी माने जाते हैं



     आखिरकार समाजवादी पार्टी के पूर्व महासचिव श्री अमर सिंह की घर वापसी हो ही गयी! विश्वस्त सूत्रों से यह जानकारी मिली है कि सपा के पूर्व महासचिव व राज्यसभा सांसद रह चुके अमर सिंह व जयाप्रदा का एक साथ राज्यसभा पहुँचना तय है। चार जुलाई को उत्तर प्रदेश से राज्यसभा के ११ सदस्य अवकाश ग्रहण कर रहे हैं। सदन में अपनी मौजूदा सदस्य संख्या के आधार पर सपा के छ: सदस्य प्रथम वरीयता के वोट से निर्वाचित हो सकते हैं। अमर सिंह ३ बार राज्य सभा सांसद रह चुके हैं। सूत्रों के अनुसार उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ मंत्री आ़जम खां और महासचिव प्रो. रामगोपाल यादव के प्रखर विरोध की अनदेखी कर सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव ने श्री अमर सिंह को हर हाल में पार्टी में शामिल करने की मंजूरी दे दी है। सूबे के लोकनिर्माण मंत्री शिवपाल यादव ने अमर सिंह की घर वापसी में मुख्य भूमिका अदा की है। अमर सिंह को सपा संसदीय बोर्ड ने घुसपैठिया करार देते हुए जनवरी २०१० में रामपुर से पार्टी सांसद जयाप्रदा और चार विधायकों मदन चौहान,संदीप अग्रवाल, अशोक चंदेल और सर्वेश सिंह के साथ पार्टी से निष्कासित कर दिया था। श्री सिंह के नजदीकी मदन चौहान अब सूबे के मंत्री हैं। सूत्र इस बात की भी पुष्टि कर रहे हैं कि अमर सिंह के साथ-साथ पूर्व सांसद व बालीवुड अभिनेत्री जयाप्रदा का भी राज्यसभा जाना तय है।

     सपा के बेहद करीबी सुत्रों के अनुसार उत्तर प्रदेश में २०१७ में होने वाले चुनाव में भाजपा की ओर से अमित शाह के हर चाल का मावूâल जवाब देने के लिए ही अमर सिंह की वापसी की गयी है। अमर सिंह यू.पी. की चुनावी रणनिती के माहिर खिलाड़ी माने जाते हैं। विभिन्न राजनैतिक घरानों से लेकर देश के तमाम दिग्गजों तक अमर सिंह के निजी रिश्ते काफी मजबूत हैं।

     समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव ने विगत दिनों अपने संसदीय क्षेत्र आ़जमगढ़ में सठियांव चीनी मिल के उद्घाटन कार्यक्रम में अपने बेहद करीबी साथी अमर सिंह के साथ पहुँचकर इस बात की पुष्टि कर दी कि लम्बे समय तक दल से दूर रहे अमर सिंह की आखिरकार दिल के रास्ते वापसी हो ही गयी। वैसे तो अमर सिंह की मुलायम सिंह व उनके परिवार की नजदिकियाँ इन दिनों काफी चर्चा का विषय रही हैं और फिर मुलायम सिंह का यह बयान कि अमर सिंह को कभी दल से निकाला ही नही गया, इन चर्चाओ पर विराम लगाता है कि अमर सिंह सपा में हैं या नही। अमर सिंह के सपा में वापसी के संकेत सपा सुप्रीमों मुलायम सिंह के जन्मदिन पर ही मिल गये थें जब जन्मदिन कार्यक्रम से आ़जम खां दूर और अमर सिंह करीब देखे गये। फिर शिवपाल यादव के बेटे की आ़जमगढ़ जनपद में शादी में अमर सिंह का अहम योगदान देखा गया और अब आ़जमगढ़ की सभा में मुलायम सिंह के साथ अमर सिंह का हेलीकॉप्टर से आना व सभा को सम्बोधित करते हुए अखिलेश यादव और नेता की तारीफ करना कही न कही विरोधियों की होली का रंग फीका कर गया।

     इन सभी घटनाक्रमों का विश्लेषण किया जाए तो यह स्पष्ट हो जाता है कि मुलायम सिंह ने राजनीति के अखाड़े में बड़े ही बेहतरीन कला का प्रदर्शन करते हुए अमर सिंह की वापसी के लिए एक ऐसी लाइन खींच दी जिसे चाहकर भी कोई छोटा नही कर पा रहा है। मुलायम सिंह के इस दांव से सपा के कई मंत्री और आ़जमगढ़ की सभा में असहज ऩजर आये। यह अलग बात है कि जब एक गुट के लोगों ने अमर सिंह का बखान और जिंदाबाद के नारे लगा रहे थे तो असहज दिख रहे मंत्री विधायकों को भी उनका गुणगान करना पड़ा। ध्यान रहे कि एक दौर था जब अमर सिंह और मुलायम सिंह यादव की दोस्ती की समाजवादी पार्टी के नेता कसमें खाते थें। आ़जमगढ़ में भी जो विकास हुए हैं उसमें मुलायम सिंह के साथ अमर सिंह का अहम योगदान रहा है। चाहे वह पूर्वांचल विकास निधी का मामला रहा हो या फिर आ़जमगढ़ में मेडिकल कालेज एवं सुपर स्पेशिलिटी अस्पताल, मण्डल मुख्यालय सभी मामलों में अमर सिंह ने महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। और अब लम्बे समय के बाद चीनी मिल के उद्घाटन कार्यक्रम में मुलायम सिंह के साथ एक ही हेलीकॉप्टर में बैठकर साथ आना हर किसी को पुराने दिनों की याद दिला गया। इन दोनों नेताओ का साथ आने का असर साफ दिख रहा था, कई मंत्री विधायक खुद को असहज महसूस कर रहे थें। वहीं मुलायम सिंह व अमर सिंह कई बार गुफ्तगू करते देखे गये। घंटे भर तक मंच पर किसी ने अमर सिंह का नाम नही लिया । कई मंत्री अपने सम्बोधन से पहले अतिथियों का स्वागत किये और लोगों का नाम गिनाया लेकिन अमर सिंह का नाम किसी ने नही लिया। जब वन मंत्री दुर्गा प्रसाद को बुलाया गया तो उन्होने न केवल अमर सिंह का स्वागत किया बल्कि यह भी कहा कि आ़जमगढ़ के विकास में अमर सिंह ने महत्त्वपूर्ण योगदान दिया है। इसके बाद माध्यमिक शिक्षा मंत्री बलराम यादव की बारी आयी तो उन्होने आदरणीय अमर सिंह साहब कहकर पुकारा। जिस तरह से मंच से अमर सिंह की सराहना की गयी और मुख्यमंत्री के बोलने की बारी आने पर जिस अंदाज में अमर सिंह ने माइक हाथ में लिया और कहा कि मैं चाहूंगा कि मुख्यमंत्री जी आ़जमगढ़ में स्पोट्र्स कालेज और हाली स्पोर्ट्स स्टेडियम की घोषणा करें। मुख्यमंत्री ने अमर सिंह की बात मानकर तत्काल स्पोर्ट्स स्टेडियम व कालेज की घोषणा भले ही न की हो लेकिन अपने सम्बोधन में उन्होने साफ कहा कि हाकी स्टेडियम व स्पोर्ट्स कॉलेज के लिए बजट का इंतजाम करेंगे।

     आ़जमगढ़ की जनसभा में जब अमर सिंह के बोलने की बारी आयी तो उहोने जहां अखिलेश यादव व मुलायम सिंह यादव की तारीफ में कसीदे पढ़े, वहीं वेंâद्र सरकार पर तीखे प्रहार भी किये। इतना ही नही अमर सिंह ने अखिलेश यादव को चुनौतिया के प्रति सचेत भी किया। अमर सिंह ने अभी हाल में हुए सर्वे में २०१७ में सपा की हार दिखाने वाले चैनलों पर भी तिखा वार किया।अमर सिंह ने कहा की लम्बे अंतराल के बाद आपके बीच उपस्थित हुआ हूं। उंहोने हाल ही में आये सर्वे पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह सर्वे किस आधार पर किया गया, क्यों ऐसा दिखाया गया समझ से परे है, लेकिन जनसैलाब बता रहा है कि जनता सपा के साथ है। उंहोने कहा कि यह शुद्ध राजनीति का मंच नही है बल्कि पूर्वाचल के विकास का मंच है। प्रधानमंत्री ने अपने संसदीय क्षेत्र में २०० करोड़ की घोषणा की। यहां तो एक प्रोजेक्ट पर ३०० करोड़ खर्च हो गया। अमर सिंह ने यहा भी कहा कि सपा के शासन काल में प्रदेश का बहुमुखी विकास हुआ है लेकिन मुख्यमंत्री के सामने कई चुनौतियां हैं। सबसे बड़ी चुनौती वे हैं जो हैदराबाद से आते हैं और माहौल खराब करते हैं। यह ऐसा देश है जहां सबको सम्मान मिलता है। 'हम' का ह हिंदू है और म मुसलमान है, ह और म हैं तभी हिंदुस्तान है, एक भी अलग हुआ तो हिंदुस्तान नही रहेगा। अमर सिंह ने कहा कि मुलायम यहां दुबारा आयें तो वोट न मांगना पड़े। आप उंहे बिना मांगे वोट दीजियेगा। उंहोने यह भी कहा कि अखिलेश यादव उच्च मन के व्यक्ति है। जितना विकास आ़जमगढ़ का हुआ है इटावा व मैनपुरी का भी नही हुआ है, फिर भी वहां की जनता मुलायम सिंह