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Tuesday, March 15, 2016
धोखेबाज कौन है?मोदी है...मोदी है...!


      प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र बनारस के सर्राफा कारोबारी पिछले दिनों यही नारा बुलंद करते हुये बनारस की सड़कों पर थे। ज्वेलरी पर एक परसेंट एक्साईज ड्यूटी बढ़ाने के विरोध में वाराणसी के सर्राफा कारोबारी मोदी सरकार से खासे नाराज हैं। सर्राफा कारोबारी से जुड़े सभी संगठनों ने इसके विरोध में ‘महासंघ’ का गठन किया है। जिसके तहत एक्साइज ड्यूटी वापस न होने तक क्रमवार आन्दोलन चलाया जायेगा। इस क्रम में चौक थाने के समक्ष अनिश्चित कालीन धरना प्रदर्शन तो कहीं सब्जी बेचकर, कहीं चाय बेचकर सर्राफा कारोबारियों द्वारा विरोध किया जा रहा है। एक तरफ कैंडल मार्च निकल रहा है तो दूसरी तरफ मोटर साइकिल रैली। व्यापारी इतने आक्रोशित है कि माँ विन्ध्याचल के दरबार में पहुंच गये ‘एक्साईज ड्यूटी’ की बलि चढ़ाने। परिस्थितियाँ ये है कि बनारस का सर्राफा कारोबार पिछले दो सप्ताह से पूरी तरह ठप है। बंदी की वजह से छोटे व्यापारियों के साथ ही कारीगरों के समक्ष रोजी-रोटी समस्या उत्पन्न हो गयी है।

      हमने इस संदर्भ में बनारस के सभी सर्राफा संघठनों के नेताओं से बातचीत की यहाँ प्रस्तुत है उसके मुख्य अंश-

     केन्द्र सरकार के इस निर्णय से बनारस के सर्राफा कारोबारी अपने-आपको ठगा महसूस कर रहे हैं और काफी आक्रोश में हैं। पिछले दिनों स्थानीय अग्रवाल भवन में ‘महासंघ’ के आह्वान पर सभी संगठनों की ‘महापंचायत’ में संयोजक मोतीचन्द अग्रवाल ने व्यंग करते हुये कहा कि लगता है ‘अच्छे दिन आ गये’।

      श्री अग्रवाल ने कहा कि हमारा राष्ट्रीय नेतृत्व हमसे पूछता है कि आप प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र में मौजूद हैं आप लोगों ने ही मोदी जी को चुनकर भेजा है। फिर क्या कारण है कि आपकी आवाज उन तक नहीं पहुँच पा रही है।

      हम सबको मिलकर इसकी समीक्षा करनी होगी कि हमारा कोई वजूद है भी की नहीं। हम अपनी आवाज को इतना बुलंद करें कि केन्द्र सरकार तक हमारी आवाज पहँुच सके। ‘महापंचायत’ में सभी संगठनों ने भाग लिया और भावी रणनीति पर चर्चा की। बनारस के सर्राफा कारोबारियों के नित नये तरीकों के आंदोलन को केन्द्र सरकार कितना तवज्जो देती है यह तो वक्त बतायेगा लेकिन इतना तो तय है कि इस पर बिना कोई पैâसला हुये यह आक्रोश थमता नजर नहीं आ रहा है।

     पंजाबी राजपूत सभा के अध्यक्ष एवं प्रतिष्ठित सर्राफा व्यवसायी श्री सतनाम सिंह ‘धुन्ना’ कहते हैं कि २०१२ में इसी भाजपा ने हमलोगों का साथ दिया था, फिर मोदी जी ने यह क्यों कर दिया। मोदी जी ने बनारस वालों के साथ धोखा किया है। हमारे आन्दोलन के कारण आम जनता को परेशानी हो रही है। लगन का दिन है लोगों को सामान नहीं मिल प रहा है। मोदी जी ने हम लोगों के पेट पर लात मारने जैसा काम किया है, जिसे काशी की जनता कभी माफ नहीं करेगी।

     उ०प्र० स्वर्णकार संघ वाराणसी के जिलाध्यक्ष श्री सत्यनारायण सेठ एवं महामंत्री श्री किशोर सेठ कहते हैं उन करोड़ों लोगों के जीवन के साथ यह अमानवीय उत्पाद कर जो एक्साइज ड्यूटी के रूप में लाया गया है उसे देशहित को ध्यान में रखते हुए वापस नही लिया गया तो स्वर्ण व्यवसायीयों का इस सरकार से विश्वास उठ जायेगा। हमारे करोड़ों स्वर्णकारी व्यवसाय से जुड़े परिवार सरकार के साथ हमेशा से हमेशा से जुड़े रहे है। जो आज न्याय की आशा रखते है।

     स्वर्णकार समाज विकास एवं शोध संस्थान युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री शैलेश वर्मा ने कहा कि जब तक केन्द्र सरकार सर्राफा करोबारियों पर लगाये गये इस काला कानून को वापस नहीं लेती है तब तक हम सर्राफा कारोबारी अपना प्रतिष्ठान बंद रखेंगे और करो या मरो के तर्ज पर अपना आन्दोलन आगे बढ़ायेंगे।

      काशी गलाई एवं टंच एसोसियेशन के अध्यक्ष श्री संतोष पाटिल कहते हैं कि मोदी सरकार की मंशा व्यापारियों के हित में नहीं है। यह सरकार देशभर के व्यापारियों का उत्पीड़न कर रही है। एक्साइज ड्यूटी लग जाने से हर रोज एक नया बखेड़ा खड़ा होगा, जिससे सर्राफा कारोबार प्रभावित होगा। सरकार को तत्काल इसे वापस लेना चाहिये। सर्राफा कारोबारी इसके वापस ना होने की स्थिति में अंतिम दम तक अपनी लड़ाई लड़ेंगे।

      श्री काशी सर्राफा मण्डल के अध्यक्ष श्री गुरु प्रसाद सेठ एवं महामंत्री श्री मुरलीधर सेठ ने कहा कि कोई भी कारोबारी कभी भी टैक्स देने से पीछे नहीं हटा है। लेकिन एक्साइज ड्यूटी लगाये जाने से इंस्पेक्टर राज कायम हो जायेगा, जिसे व्यापारी वर्ग कभी बर्दाश्त नहीं करेगा। सरकार एक परसेंट बढ़ाकर और ज्यादा टैक्स ले, लेकिन एक्साइज शब्द हटाये। मोदी सरकार का व्यापारी वर्ग को दबाने का एक बड़ा षड़यंत्र है, जिसको व्यापारी समाज सफल नहीं होने देगा।

      काशी बंगाली स्वर्ण शिल्पी सोसाईटी के अध्यक्ष श्री भक्ति मैती का कहना है कि एक्साईज ड्यूटी से कारीगरी करने वाले मजदूर वर्ग के लोगों पर बोझ पड़ेगा, जिससे हमारी आर्थिक स्थिति और भी बद्तर हो जाएगी। अत: हम सभी सरकार के इस निर्णय के खिलाफ हैं। सर्राफा व्यवसायी श्री देवकांत वर्मा कहते हैं कि एक्साई़ज ड्यूटी लगने से इंस्पेक्टर राज का बोलबाला होगा, व्यापारियों का उत्पीड़न होगा जिससे सर्राफा व्यवसाय प्रभावित होगा।