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गुरुवार , 16 नवम्बर 17
अजीत सिंह नामांकन अजीत सिंह नामांकन अजीत सिंह नामांकन अजीत सिंह नामांकन



          वाराणसी का पक्का महाल क्षेत्र हमेशा से भारतीय जनता पार्टी का गढ़ माना जाता है ।शायद ही कभी ऐसा हुआ हो जब यहां के लोगों ने भाजपा के सिवा किसी भी पार्टी के बारे में सोचा हो। इसी पक्का महाल के मध्य क्षेत्र में पड़ता है राजमंदिर वार्ड। जिसके निवर्तमान निर्दलीय पार्षद अजीत सिंह है। अजीत सिंह ने 2012 में इसी वार्ड से भाजपा के पार्षद प्रत्याशी को 800 से भी ज्यादा वोटों से मात दी थी। चुनाव जीतने के बाद अजीत सिंह ने राजमंदिर वार्ड में बिना किसी सांसद और विधायक निधि के 4 ट्यूबेल लगवाएं और गली सीवर की मरम्मत के साथ साथ पूरे राज मंदिर वार्ड में 100 से भी ज्यादा सीसीटीवी कैमरे लगवाए। अपनी स्पीड प्वाइंट नाम के कार्यालय में अजीत सिंह ने वार्ड की जनता के सारे कागजात जैसे कि आधार कार्ड ,राशन कार्ड ,जाति प्रमाण पत्र, वोटर आईडी कार्ड, पेंशन आवेदन निशुल्क रूप से बनवाया। इन कार्यों से अजीत सिंह वार्ड के घरों के किचन तक अपनी पैठ बनाई है। इन कारणों के चलते राज मंदिर वार्ड और अजीत सिंह का नाम पूरे बनारस में लिया जा रहा है। जिसको देखते हुए इस बार इसी राजमंदिर वार्ड से भारतीय जनता पार्टी ने अपने जमीनी कार्यकर्ता नलिन नयन मिश्र को टिकट दिया है। लेकिन अजीत सिंह के विकास और ईमानदारी के चलते भाजपा को अपने ही गढ़ में खुद की साख पर खतरा नजर आ रहा है और इस खतरे से बचने के लिए भाजपा एड़ी चोटी का जोर लगा रही है। एक छोटे से वार्ड में भाजपा के बड़े से बड़े मंत्री आकर चुनावी जनसभा कर रहे हैं ।ऐसा लग ही नहीं रहा कि यह एक छोटा सा वार्ड है ऐसा लगता है जैसे यह कोई विधानसभा क्षेत्र हो।अजीत सिंह ने क्षेत्र में जगह-जगह मंच लगाकर जनसभा करने की शुरुआत की। जिसकी देखादेखी भारतीय जनता पार्टी ने और यहां तक कि समाजवादी पार्टी के पार्षद प्रत्याशी ने भी वार्ड में चौराहे पर मंच लगाकर जनसभा करनी शुरू कर दी है । 16 नवंबर को इसी वार्ड में भाजपा की आयोजित जनसभा में प्रदेश के मंत्री शंकर गिरी ने वार्ड के लोगों से कहा कि अगर आप ने भाजपा के प्रत्याशी को छोड़कर किसी और को चुना तो यहां कुछ भी काम नहीं होगा क्योंकि अगर भाजपा को छोड़कर इस वार्ड में कोई दूसरा प्रत्याशी पार्षद बनता है तो भाजपा का विधायक भाजपा का सांसद और भाजपा की सरकार उसकी कोई मदद नहीं करेगी । अपनी जीत की असमंजसता को देखते हुए भाजपा के नेता साम-दाम-दंड-भेद चारों नीतियों का प्रयोग पूरी तत्परता के साथ कर रहे हैं। नेता वार्ड के लोगों को डराने का भी कार्य कर रहें है कि अगर भाजपा का प्रत्याशी को नहीं चुना तो यहां विकास नहीं होगा ।राजमंदिर सम्भवतः बनारस का पहला ऐसा वार्ड है जहां रोजाना 2 से 3 जनसभाएं हो रही है पूरा वार्ड लाउडस्पीकर से गूंज रहा है। क्योंकि यह वार्ड जिस विधानसभा क्षेत्र में आता है वहां के विधायक राज्य मंत्री हैं और अगर इस वार्ड में भाजपा के प्रत्याशी के अलावा किसी और प्रत्याशी की जीत होती है तो मंत्री जी की काफी बदनामी होगी। लेकिन अजीत सिंह के जोरदार भाषण और पूरे 5 वर्ष के दौरान एक पार्षद की हैसियत से कई गुना बढ़ कर किए गए कार्यों से ऐसा नहीं लगता कि इस वार्ड में भाजपा की दाल गलने वाली है।